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जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन करेंगे रैयती किसान

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आगामी 29 अक्टूबर से अनशन शुरु करेंगे त्रिभुवानी व सोहरा के किसान

सरकार के उदासीन रवैये के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे

भुखमरी के कगार पर आ चुके हैं रैयती किसान-दयाशंकर

आरा। टोपोलैंड मामले मे सरकार अगर किसानो की मांग पुरी नही करती है। तो अगामी 29 अक्टुबर से भोजपुर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष अमरण अनशन किया जाएगा। सरकार के उदासीन रवैंये के कारण सभी रैयती किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके है। बिहार सरकार के दोरंगी नीति के परिणाम हैं, टोंपोलैंड जैसी गम्भीर समस्या। आज बडहरा प्रखड के सभी रैयती किसान इस समस्या से जुझ रहे है। उक्त बातें समाजिक कार्यकर्ता व भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय सदस्य दयाशंकर सिंह ने मंगलवार को सरैया में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही।

भाजपा नेता ने सरकार को कड़े शब्दो में कहा कि अगर समय रहते सरकार इस मामले मे कोई निदान नही निकालती है। तो बडहरा के किसान आर-पार की लडाई-लडने के लिए तैयार है। उन्होंने आगे कहा कि बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा निर्धारण हेतु पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु ने त्रिवेदी आयोग का गठन किया। त्रिवेदी आयोग ने सन 1968 में प्रधानमंत्री कार्यालय को अपना रिपोर्ट प्रस्तुत किया। रिपोर्ट के अनुसार रैयती अधिकार के साथ बिहार के जमीन उत्तर प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश की जमीन बिहार में स्थानांतरित हुआ। बिहार सरकार ने उत्तर प्रदेश से आए जमीनों का रैयती अधिकार उत्तर प्रदेश के किसानों को दे दिया, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने बिहार से गये भोजपुर व बक्सर जिले का 38 मौजों के किसानों को अब तक रैयती अधिकार नहीं दिया।

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बिहारी किसानों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका दायर किया गया। 15 मई 1997 को उक्त याचिका के आलोक में उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश मिला कि मंदरौली, कंस और मोहनपुर उर्फ त्रिभुवानी मौजे को चिन्हित का वास्तविक किसानों को रैयती अधिकार छह माह के अंदर दिया जाए। सांसद आरके सिंह के पहल पर विगत 17 अगस्त, 26 अगस्त, 4 सितंबर और 11 सितंबर 2017 को त्रिभुवानी के किसानों के साथ जिला पदाधिकारी बलिया के समक्ष बैठक हुई। इसके बाद जिलाधिकारी बलिया ने जिन कागजातों को मान्यता दिया था। उन्हीं कागजातों को जिलाधिकारी भोजपुर के पास सत्यापन हेतु भेजा गया। जबकि स्थानांतरण के बाद जिलाधिकारी भोजपुर द्वारा सन 1972 में ही उक्त मौजे से संबंधित सारे कागजात जिलाधिकारी बलिया को सुपुर्द कर दिया गया था। बावजूद इसके जिला प्रशासन अपने लेखाकार में इन मौजों का अभिलेख तलाशने में व्यस्त हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सच्चिदानंद सिंह, बाला तिवारी, सोनू सिंह, शिवजी सिंह, धनंजय सिंह, तसौअल अली तथा श्री भगवान यादव समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

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