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सत्तू पीकर बिस्कुट खाकर आज भी जिंदा हैं 130 वर्षीय यमुना साह, ग्रीनिज बुक में नाम दर्ज करने की मांग,

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अनाज का सेवन वर्षो पूर्व स्वेच्छा से छोड़ चुके हैं

सारी नित्य क्रियाओं को आज भी स्वयं पूरी कर लेते हैं

आरा/पीरो(भीम राय)। इसे महज संयोग या ईश्वरीय चमत्कार ही कहा जा सकता है कि अगिआंव बाजार निवासी 130 वर्षीय यमुना साह आज भी जिंदा हैं। यह जानकर पाठकों को भले ही आश्चर्य हो लेकिन यह 100 फीसदी कटु सत्य है।

बता दें कि अगिआंव बाजार निवासी स्व यशोदा साह के इकलौते पुत्र हैं यमुना साह। यमुना साह खुद बताते हैं कि उनकी उम्र 130 वर्ष पूरी हो चुकी है और वो 131वें वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं। हालाकि मतदाता पहचान पत्र के अनुसार उनकी उम्र 104 है लेकिन उनका कहना है कि यह गलत है। अगिआंव बाजार और आसपास के दर्जनों गणमान्य व्यक्तियों ने उनकी उम्र 130 वर्ष के आसपास होने की पुष्टि किया है। यमुना साह प्राइमरी शिक्षा हासिल किये जाने के बाद पढ़ाई छोड़ दिये थे। वो वहां के स्थानीय व्यवसायी हैं और अगिआंव बाजार में उनका अपना मार्केट है।

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एकमात्र पुत्र भी नौकरी से सेवानिवृत्त हो गये

अब पोता कर रहा है नौकरी

अगिआंव बाजार निवासी यमुना साह के इकलौते पुत्र हैं दीनबंधु साह जो पश्चिम बंगाल के आसनसोल में कोलियरी में नौकरी करते थे। हाल के दिनों में वो सेवानिवृत्त हो चुके हैं और आसनसोल में ही अपना मकान बनाकर रहते हैं। दीनबंधु साह के इकलौते पुत्र और यमुना साह के इकलौते पोता अमित साह हैं जो फिलहाल नौकरी कर रहे हैं। अमित साह की शादी हो चुकी है और उनको 06 माह का एक पुत्र भी है। यमुना साह की पत्नी वर्षों पूर्व स्वर्ग सिधार चुकी हैं। यमुना साह का कहना है कि वो अपने पुत्र, बहू और पोता समेत अन्य परिजनों के आग्रह के बावजूद अगिआंव बाजार छोड़कर बाहर नहीं जाना चाहते हैं। उनकी दिली इच्छा है कि जिस मिट्टी में जन्म लिये और पले-बढ़े उसी मिट्टी पर वो अंतिम सांस लें।

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प्रतिदिन 04 किलोमीटर टहलते हैं

अगिआंव बाजार निवासी यमुना साह के अनुसार उनका जन्म शायद वर्ष 1888ई में हुआ था जिसका प्रमाण विद्यालय के अभिलेख से मिल जाएगा। वो प्रतिदिन सुबह-शाम 04-04 किलोमीटर टहलते हैं। उन्होंने वर्षों पूर्व वो अनाज छोड़ चुके हैं। कुछ वर्षों पूर्व वो सत्तू पीकर रहते थे। हाल के दिनों में वो सिर्फ बिस्कुट खाकर रहते हैं। वो सुबह में एक बार और शाम में एक बार चाय जरुर पीते हैं। उन्होंने बताया कि वो मोबाइल नहीं चलाते हैं। उनके पुत्र और पोता बगलगीर के मोबाइल पर कॉल करके उनसे बातचीत करते हैं। पूर्व विधायक सह माले नेता चंद्रदीप सिंह, राजद नेता चंदेश्वर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता अनिल सिंह और धनजी सिंह ने यमुना सिंह का नाम ग्रीनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किये जाने की मांग किया है।






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