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वर्चस्व की लड़ाई में भाजपा नेता, तो दहशत फैलाने को ले गवाह को था भूना

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पुरस्कृत होगी पुलिस टीम

बरामद नाइन एमएम के पिस्टल की होगी फॉरेंसिक जांच

आरा। भाजपा नेता विशेश्वर ओझा की हत्या जमीन पर कब्जे को ले शुरू वर्चस्व की लड़ाई में की गयी थी। वहीं भाजपा नेता हत्याकांड के गवाह कमल किशोर मिश्रा को दहशत फैलाने के लिए भून दिया गया था। एसपी आदित्य कुमार ने ब्रजेश मिश्रा से पूछताछ के बाद इसकी जानकारी दी। एसपी के अनुसार पूछताछ में ब्रजेश ने बताया कि दियारे की तकरीबन अस्सी एकड़ जमीन पर कब्जे को लेकर उसके पिता शिवाजीत मिश्रा व भाजपा नेता विशेश्वर ओझा के बीच विवाद शुरू हुआ था। बाद में विवाद वर्चस्व की लड़ाई में बदल गयी। इसी में भाजपा नेता की हत्या कर दी गयी। इसके बाद दहशत फैलाने के लिए भाजपा नेता हत्याकांड के गवाह कमल किशोर मिश्रा को भी मार दिया गया। पुलिस की पूछताछ में ब्रजेश मिश्रा ने भाजपा नेता की हत्या में राजनीतिक कनेक्शन व राजद विधायक की भूमिका से भी साफ तौर पर इंकार कर दिया। शाहपुर के राजद विधायक के साथ फोटो के संबंध में पूछे जाने पर कहा कि चुनाव के समय कभी फोटो आया होगा। कहा कि जमीन की लड़ाई में उसके पूरे परिवार को फंसा दिया गया। इसके बाद उसे व उसके भाइयों को हथियार उठाना पड़ा।

गांव के कमल किशोर मिश्रा ने दी थी चुनौती

आरा। सोनवर्षा गांव निवासी कमल किशोर मिश्रा ने भाजपा नेता हत्या विशेश्वर ओझा के गुट में शामिल होकर ब्रजेश को चुनौती दी थी। बाद में कमल मिश्रा भाजपा नेता हत्याकांड का मुख्य गवाह भी बन गया। इसके कारण कमल उसकी आंखों की किरकरी बन गया था। हाल के दिनों में छापेमारी को लेकर भी ब्रजेश को कमल मिश्रा पर संदेह था। इसी कारण दहशत फैलाने के लिए कमल किशोर मिश्रा की हत्या कर दी गयी।

कोलकाता व बिक्रमगंज में अपने रिश्तेदारों के घर पनाह लेता था ब्रजेश

अपने इलाके में हत्या व फायरिंगं की घटना को अंजाम देने के बाद ब्रजेश मिश्र अपने रिश्तेदारों के घर पनाह लेता था। इस दौरान वह बिहार के रोहतास जिले के बिक्रमगंज, पश्चिम बंगाल व उत्तर प्रदेश में छिप जाता था। पूछताछ के दौरान पुलिस के समक्ष उसने यह बात स्वीकार की है। बताया जाता है कि कोलकाता में ब्रजेश के कुछ रिश्तेदार व परिवार के लोग रहते हैं। वह अक्सर कोलकाता ही रहता था। वहीं यूपी के नवरंगा में उसकी अच्छी पैठ है। भाजपा नेता की हत्या के बाद सभी ने नवरंगा में भी पनाह ली थी। भाजपा नेता की हत्या में नवरंगा गांव का भी कनेक्शन रहा था। हथियार से लेकर गाड़ी उपलब्ध कराने तक में नवरंगा के कुछ लोग शामिल थे।

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ह्यूमन इंटेलिजेंस से हुई ब्रजेश की गिरफ्तारी

मोस्ट वांटेड व 50 हजार के इनामी सोनवर्षा गांव निवासी ब्रजेश मिश्र की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बहुत बडी चुनौती थी। वह अपने पास मोबाइल नहीं रखता था। आवश्यकता पड़ने पर वह अपने सहकर्मियों के माध्यम से किसी से मोबाइल पर बातचीत करता था। इसी वजह से उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी। उसकी गिरफ्तारी पुरी तरह ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर हुई है न कि टेक्निकल इंटेलिजेंस पर। इसके लिए पिछले 4 दिनों से पुलिस टीम रेकी कर रही थी। टीम में शामिल पुलिसकर्मियों की अथक प्रयास के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

गांव के लिए राॅबिनहुड बन गया था ब्रजेश मिश्र

अपने विरोधी के लिए खौफ व पुलिस का मोस्टवांटेड ब्रजेश मिश्रा अपने गांव के लोगों के लिए रॉबिनहुड बन गया था। यही कारण है कि गांव के लोग उसके बारे में पुलिस को किसी तरह की जानकारी नहीं देते थे। एसपी ने बताया कि पुलिस जब भी उसे के बारे में गांव के लोगों से पूछताछ करती थी, तो वह कोई कुछ नहीं बताता था। अधिकांश ग्रामीण उसके सपोर्ट में थे। जब किसी से उसके संबंध में बातचीत की जाती थी तो वह जवाब देने से बचता फिरता था। गांव में कमल किशोर मिश्रा को छोड़ कोई उसका विरोध करने वाला नहीं था। कमल किशोर मिश्रा की हत्या के बाद वह पूरी तरह निश्चिंत हो गया था।

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भाजपा नेता व गवाह हत्याकांड सहित थी ब्रजेश की तलाश

करनामेपुर ओपी के सोनवर्षा गांव निवासी शिवाजीत मिश्रा के बेटे ब्रजेश की छह मामलों में पुलिस की तलाश थी। बहुचर्चित भाजपा नेता हत्याकांड के बाद वह सुर्खियों में आ गया था। हत्या के करीब एक साल बाद उसे इनामी घोषित कर दिया गया। हाल में भाजपा नेता हत्याकांड के गवाह को गोलियों से भूनने के बाद उसकी चर्चा काफी तेज हो गयी थी। एसपी ने बताया कि ब्रजेश के खिलाफ करनामेपुर (शाहपुर) ओपी में छह मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के तीन मामले हैं।

बिहिया व बक्सर में भी दर्ज हो सकते हैं मामले

ब्रजेश मिश्र पर करनामेपुर के अलावे बिहिया व बक्सर में भी मामले दर्ज है,इसके बारे में पड़ताल की जा रही है।

पुरस्कृत होगी पुलिस टीम

आरा। इनामी ब्रजेश मिश्र को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। एसपी आदित्य कुमार ने बताया कि ब्रजेश मिश्र की गिरफ्तारी में पुलिस ने सराहनीय कार्य किया है। इसके लिए टीम के सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं। कहा कि जान की परवाह किये बिना सभी अफसरों व पुलिसकर्मियों ने उसे गिरफ्तार किया है। सभी को रिवार्ड देकर सम्मानित किया जाएगा।

बरामद नाइन एमएम के पिस्टल की होगी फॉरेंसिक जांच

इनामी ब्रजेश मिश्रा के पास से बरामद नाइन एमएम के पिस्टल की फॉरेंसिक जांच करायेगी। इसके लिए जल्द ही कानूनी प्रक्रिया शुरू की जायेगी। जानकारी के अनुसार यह पता लगाने में जुटी है कि भाजपा नेता व गवाह कमल किशोर मिश्रा की हत्या में इस पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। बता दें कि दोनों हत्याकांड के बाद पुलिस को घटनास्थल से नाइन एमएम के खोखे मिले थे। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों हत्याओं में इस पिस्टल से भी गोली चलायी गयी होगी।






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