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किशुन व कुंदन की तलाश में छापा, पुलिस के पहुंचने से पहले भाग निकले

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करनामेपुर ओपी के सोनवर्षा गांव में हुई छापेमारी

किशुन मिश्रा व कुंदन यादव के गांव आने की पुलिस को थी सूचना

विशेश्वर गवाह हत्याकांड का आरोपित है किशुन मिश्रा

आरा/शाहपुर। भाजपा नेता विशेश्वर ओझा हत्याकांड के गवाह कमल किशोर मिश्र की हत्या के आरोपित किशुन मिश्रा व उसके सहयोगी कुंदन यादव की तलाश में पुलिस ने छापेमारी की। दोनों के गांव आने की सूचना पर पुलिस शनिवार को करनामेपुर ओपी के सोनवर्षा गांव पहुंची थी। हालांकि पुलिस के आने के पहले ही दोनों भाग चुके थे। ऐसे में पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा।

सूत्रों के अनुसार पुलिस को सूचना मिली की किशुन मिश्रा व कुंदन यादव अपने गांव आये हैं। इस आधार पर एसपी के निर्देश पर एक टीम गठित की गयी। टीम ने गांव के एक इलाके में नाकेबंदी की गयी। उसके बाद एक दर्जन घरों में सर्च अभियान चलाया। लेकिन किशुन मिश्रा व उसका सहयोगी कुंदन यादव पकड़ में नहीं आए।

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बताया जाता है कि पुलिस के आने की भनक मिलते ही किशुन मिश्रा व कुंदन यादव मौके से फरार हो गए। छापेमारी में शाहपुर, बिहिया, बहोरनपुर व करनामेपुर थानेदार समेत काफी संख्या में जवान शामिल थे।

बता दें कि 28 सितंबर को भापजा नेता विशेश्वर ओझा हत्याकांड के मुख्य गवाह सोनवर्षा गांव निवासी कमल किशोर मिश्र की हत्या कर दी गयी थी। इस मामले में ब्रजेश मिश्रा व उसके भाई किशुन मिश्र सहित पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इसमें ब्रजेश सहित चार आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सिर्फ किशुन मिश्रा ही फरार चल रहा था।

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इसके अलावा ब्रजेश मिश्रा की गिरफ्तारी के समय पुलिस पर फायरिंग के मामले में भी किशुन मिश्रा आरोपित है। इस मामले में कुंदन यादव भी आरोपित किया गया है। किशुन मिश्रा पर पुलिस पर फायरिंग करते हुए कार्बाइन ले भागने का भी आरोप है।

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