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छठ के दिन बीच बाजार फायरिंग से थम गयी लोगों की सांसे, और समाप्त हो गया ऑपरेशन”हीरो”

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पांच घंटे तक चला ऑपरेशन और खत्म हो गया दो माह का आतंक

फायरिंग को देख पुलिस ने घंटे भर रोक दिया था वाहनो का आवागमन

जितौरा बाजार में गुटखा खा रहा था हीरो, तभी पहुंच गयी पुलिस

आरा। मंगलवार को दिन के करीब डेढ़ बज रहे थे। जितौरा बाजार में छठ को ले काफी चहल-पहल थी। फल की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ थी। व्रतियों का घाट की ओर जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया था। तभी अचानक गोलियां चलने लगी। इससे लोग सहम गये और सभी की सांसे थम गयी। ताबड़तोड़ फायरिंग से जितौरा बाजार थर्रा उठा था। खरीदारी में जुटे लोग व घाट की ओर जा रहे व्रती भागने लगे। किसी के समझ में कुछ नहीं आ रहा था कि आखिर माजरा क्या है? तब तक सादे लिबास में पुलिस के अधिकारी व जवान दौड़ते दिखाई पड़ने लगे। इससे लोगों को कुछ राहत मिली। बाद में पता चला कि कुख्यात हीरो व पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गयी है। इसे लेकर जितौरा बाजार में घंटों अफरातफरी रही। हालांकि इस दौरान पुलिस ने काफी सूझबुझ से काम लिया। फायरिंग को देखते हुए आवागमन को पूरी तरह रोक दिया गया। इससे पब्लिक को किसी तरह की क्षति नहीं हुई। हुआ यह कि कुख्यात हीरो मंगलवार को करीब एक से डेढ़ बजे के बीच जितौरा बाजार पहुंचा था। पुलिस को इसकी भनक लग चुकी थी। दोपहर करीब दो बजे हीरो जितौरा हाई स्कूल के समीप अपने एक साथी के साथ गुटखा खा रहा था। उसके दो अन्य साथी बोलेरो गाड़ी में बैठे थे। तभी एसपी के नेतृत्व में पुलिस पहुंच गयी। पुलिस को देखते ही हीरो ने फायरिंग शुरू कर दी। उसके द्वारा करीब पंद्रह से बीस राउंड फायरिंग की गयी। जवाब में पुलिस द्वारा भी दो से तीन राउंड गोली चलायी गयी। इसके बावजूद हीरो अपने एक साथी के साथ भाग निकला था।

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पांच घंटे तक चला ऑपरेशन और खत्म हो गया दो माह का आतंक

आरा। कुख्यात हीरो शहर व जिले के लिए आतंक बन गया था। खासकर व्यवसाइयों व कोचिंग संचालकों में उसका काफी खौफ था। करीब दो माह से उसने सभी की नींद उड़ा दी थी। हालांकि मंगलवार को उसका आतंक खत्म हो गया। करीब पांच घंटे तक चले ऑपरेशन में दो माह का उसके आतंक का महल ढह गया। जानकारी के मुताबिक मंगलवार की दोपहर करीब 12 बजे पुलिस को उसके जितौरा बाजार की ओर जाने की सूचना मिली थी। करीब एक बजे पुलिस का ऑपरेशन शुरू हुआ। शुरू में तो हीरो पुलिस पर भारी पड़ा और फायरिंग करते भाग निकला। लेकिन पुलिस उसके पीछे लगी रही। रात करीब साढ़े नौ बजे उसकी पुलिस से दुबारा भिड़ंत हो गयी। इस दौरान दोनों ओर जमकर फायरिंग गोलियं चली। इस दौरान हीरो पुलिस की गोली से मारा गया। बता दें कि हीरो द्वारा शहर के अधिकतर व्यवसाइयों व कोचिंग संचालकों से रंगदारी की मांग की गयी थी। कुछ से रंगदारी वसूल भी कर ली गयी थी।

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मुठभेड़ से पहले हीरो ने पीरो व जितौरा बाजार में की थी खरीदारी

आरा। मोस्ट वांटेड हीरो ने मुठभेड़ से पहले जमकर खरीदारी की थी। उसने कपड़े से लेकर चप्पल तक खरीदी थी। बताया जाता है कि वह दोपहर में बोलेरो गाड़ी से अपने दोस्तों संग पीरो पहुंचा। इस दौरान उसने पीरो के प्रियांशु व बाबा मॉल में कपड़ों की खरीदारी की। इसके बाद जितौरा वह बाजार पहुंचा। वहां भी उसने चप्पल खरीदी। खरीदारी करने के बाद वह गुटखा खा रहा था।


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