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पढ़ाई को बोझ नहीं समझे, बल्कि एंजॉय करके पढ़ें- डॉ. पीयूष

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बिना मेहनत के सफलता हाथ नहीं लगती- डॉ. अर्चना

छात्र जीवन में अनुशासन व समय प्रबंधन का महत्वपूर्ण स्थान-कुमार द्विजेंद्र

संभावना स्कूल में कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम का हुआ आयोजन

आरा(डॉ के कुमार/दिलीप ओझा)। शुभ नारायण नगर मझौंवा स्थित संभावना आवासीय उच्च विद्यालय में कक्षा दशम के छात्र-छात्राओं के लिए कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आईआईटीयन पीयूष कुमार (जूनियर डायरेक्टर इंटेल कॉरपोरेशन पोर्टलैंड, यूएसए) को विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह तथा प्रबंध निदेशक कुमार द्विजेंद्र ने बुके तथा शाॅल देकर सम्मानित किया।

काउंसलिंग कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं व अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर नियमित व अनुशासित ढंग से की गई तैयारी मंजिल तक अवश्य पहुंचा देती है। कहा कि बिना मेहनत के सफलता हाथ नहीं लगती। पढ़ाई में कमजोर बच्चे अगर ज्यादा लगन व मेहनत से पढ़ाई करे, तो वे तेज बच्चों से भी आगे जा सकते हैं। कार्यक्रम के मुख्य काॅन्सिलर 1995 बैच के आईआईटीयन डाॅ. पीयूष ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में अपने आप को स्थापित करने के लिए प्रबल इच्छाशक्ति का होना पहली शर्त है। छात्र-छात्राओं को जिस विषय में रुचि हो। उसी के अनुकूल अपने कैरियर का चुनाव करना चाहिए। कहा कि पढ़ाई को बोझ नहीं समझे। एंजॉय करके पढ़े। सफलता के लिए मन से बेकार की चीजों को निकाल कर रूटीनबद्व होकर पढ़ाई करनी चाहिए। मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। उन्होंने काउंसलिंग कार्यक्रम में प्रश्नकाल सत्र के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब भी दिया। कक्षा 10 की छात्रा श्रुति सिंह ने विषय में रुचि कैसे पैदा की जाए? सवाल पूछा। जवाब में डाॅ. पीयूष ने कहा कि परीक्षा व परीक्षाफल आपकी तैयारी को दर्शाते हैं।

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उनको देखकर संबंधित विषय की नियमित पढ़ाई करें। इससे उस विषय में रुचि पैदा हो सकती है। छात्र मो. साजिद तौसिफ ने अपने कैरियर का चुनाव कैसे करें? सवाल पूछा। इस पर डॉ. पीयूष ने जबाब दित्रा कि जिस क्षेत्र में आपको सबसे ज्यादा रुचि हो। उसी क्षेत्र में अपने कैरियर का चुनाव करना चाहिए। छात्र आनंद कुमार ने प्रश्न पूछा कि आपकी नजर में डिग्री और नॉलेज में सर्वोपरि कौन है? डॉ. पीयूष ने जवाब दिया कि दोनों जरूरी है। अगर डिग्री को नॉलेज के साथ प्राप्त किया जाए, तो यह सबसे अच्छा है। छात्रा मीना कुमारी ने प्रश्न पूछा कि यदि मेडिकल और इंजीनियरिंग में रुचि नही हो तो किस क्षेत्र में अपने कैरियर का चुनाव करना चाहिए?

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इस प्रश्न का उत्तर देते डॉ. कुमार ने कहा कि हर क्षेत्र की अपनी-अपनी विशेषताएं होती है साथ ही कैरियर हर क्षेत्र में उपलब्ध है। कैरियर के चुनाव में यदि समस्या आती है। तो छात्र-छात्राओं को अपने शिक्षकों व अभिभावकों से सलाह लेनी चाहिए। इस प्रकार अन्य छात्र-छात्राओं ने भी कैरियर संबंधी कई अन्य प्रश्न पूछे, जिसका जवाब उन्होंने दिया। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए विद्यालय के प्रबंध निदेशक कुमार द्विजेंद्र ने कहा कि छात्र जीवन में अनुशासन तथा समय प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

जिन लोगों ने समय के महत्व को समझा। उन्हें अपनी मंजिल को प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं हुई। अच्छे परीक्षा परिणाम के लिए माध्यमिक स्तर तक सभी विषयों में समान रूप से रूचि लेकर नियमवद्ध तरीके से पढ़ाई करनी चाहिए। मंच संचालन विद्यालय के उप प्राचार्य राघवेंद्र कुमार वर्मा ने किया। काउंसलिंग कार्यक्रम में अधिवक्ता देवेंद्र प्रसाद, बाल हिंदी पुस्तकालय के सचिव विजय कुमार सिंह, आनंद कुमार उपस्थित थे। कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम में विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा 10 के 220 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।


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