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बहुचर्चित बिहिया उपद्रव व निर्वस्त्र कांड में बीस आरोपित दोषी

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अपर जिला व सत्र न्यायाधीश के कोर्ट ने सुनाया फैसला

किशोरी सहित पांच को कोर्ट ने निर्वस्त्र कांड, दंगा व एससी-एसटी में पाया दोषी

अन्य पंद्रह आरोपित दंगा व एससी-एसटी में पाये गये दोषी

30 नवम्बर को सभी आरोपितों को सुनायी जायेगी सजा

आरा। बहुचर्चित बिहिया उपद्रव व महिला निर्वस्त्र कांड में कोर्ट ने बीस आरोपितों को दोषी माना है। इनमें पांच आरोपित दंगा, महिला को निर्वस्त्र करने व एससी-एसटी एक्ट में दोषी पाये गये हैं। पंद्रह आरोपितों को उपद्रव व एससी-एसटी एक्ट का दोषी माना गया है। सिविल कोर्ट के अपर प्रथम जिला व सत्र न्यायाधीश आरसी द्विवेदी ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। अब 30 नवम्बर (शुक्रवार) को इस मामले में सजा सुनायी जायेगी। कोर्ट ने इस मामले में फैसले को लेकर कोर्ट परिसर में बुधवार को पूरे दिन गहमागहमी बनी रही। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक सत्येंद्र कुमार सिंह दारा ने बहस की थी। उन्होंने बताया कि बुधवार की दोपहर आरोपित कोर्ट में हाजिर हुये। इसके बाद कोर्ट ने सभी बीस आरोपितों को दोषी करार दिया। इनमें किशोरी यादव, विष्णु कुमार, मुमताज अंसारी उर्फ ताज, विनोद कुमार केशरी उर्फ मडई केशरी व सिकंदर कुमार को दंगा, महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने व एससी में दोषी ठहराया गया। अन्य पंद्रह आरोपितों को दंगा व एससी-एसटी एक्ट पाया गया है। दोषी पाये जाने के बाद सभी आरोपितों को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया।

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