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जिलास्तरीय मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमीटि का हुआ गठन

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विज्ञापन एवं पेडन्यूज की होगी सख्त मॉनिटरिंग एवं कार्रवाई

उम्मीदवारों एवं राजनीतिक दलों को इलेक्ट्रॉनिक चैनलों पर विज्ञापन प्रकाशन के पूर्व कमीटि से लेनी होगी स्वीकृति

पेडन्यूज के मामले आने पर उम्मीदवार को किया जायेगा नोटिस उम्मीदवार के खर्च में किया जायेगा शामिल

विज्ञापन एवं पेडन्यूज के प्रमाणीकरण एवं निगरानी हेतु

आरा। जिलास्तरीय मीडिया प्रमाणीकरण एवं निगरानी कमिटी का गठन जिलानिर्वाचन पदाधिकारी की अध्यक्षता में की गई है। जिसमें निर्वाचन आयेाग के दिशा निर्देश के अनुरूप पांच सदस्यों को शामिल किया गया है। राजनीतिक प्रकृति के विज्ञापन के लिए टीoवीo चैनलों केबुल नेटवर्क, रेडियों प्राइवेट एफएम चैनलों, सिनेमा हॉल, श्रव्य-दृश्य प्रदर्शन एकमुश्त एसएमएस सोशल मीडिया को शामिल किया गया है। अगर कोई राजनीतिक पार्टी अथवा उम्मीदवार राजनीतिक प्रकृति के विज्ञापन का प्रकाशन कराना चाहता है तो उसे विहित प्रक्रिया के तहत निर्धारित प्रपत्र में कमिटी के समक्ष आवेदन देना होगा। मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पार्टी उम्मीदवार को विज्ञापन अथवा प्रसारण की तिथि के तीन दिन पूर्व कमिटी में आवेदन देना होगा। जिसमें आवेदक का नाम, उम्मीदवार का नाम राजनीतिक दल का
नाम प्रसारित होने वाले चैनल का नाम तथा विज्ञापन प्रसारण की अवधि एवं बारंबारता, विज्ञापन का खर्च के बारे में आवेदन में अंकित करना होगा तथा हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी प्रस्तुत करना होगा। कमिटी प्रस्तावित विज्ञापन को स्वीकृत अथवा अस्वीकृत कर सकती है।

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स्वीकृति की स्थिति में कमिटी के अध्यक्ष द्वारा विहित प्रपत्र में विज्ञापन के प्रसारण का आदेश दिया जाता है। किन्तु अगर प्रस्तावित विज्ञापन किसी अन्य उम्मीदवार पर व्यक्तिगत आक्षेप करता हो अथवा सामाजिक, धार्मिक, कटुता एवं तनाव को जन्म देता हो तो ऐसी स्थिति में विज्ञापन को अस्वीकृत किया जा सकता है। जिलास्तरीय कमिटी द्वारा लिये गये निर्णय के खिलाफ उम्मीदवार व राजनीतिक पार्टी राज्यस्तरीय मीडिया सर्टीफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमिटी में अपील कर सकता है। यहा तक कि राज्यस्तरीय कमिटी के निर्णय के विरूद्ध उम्मीदवार अथवा राजनीतिक पार्टी सर्वोच्य न्यायालय में अपील दायर कर सकता है। इस संदर्भ में उल्लेखनीय है कि जिला एवं राज्य स्तर पर गठित कमिटी द्वारा लिये गये निर्णय की अंतिम अपील एवं सुनवाई सर्वोच्य न्यायालय में होती है। पेडन्यूज़ को परिभाषित करते हुए भारतीय प्रेस परिषद ने कहा है कि प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित अथवा प्रसारित वैसी खबर अथवा विश्लेषण जो नकद अथवा सामग्री लेकर निकाली जाती है। इस कार्य की मॉनिटरिंग हेतु भी जिला एमसीएमसी कोषांग को सक्रिय एवं तत्पर रहकर कार्य करना है। पेडन्यूज की स्थिति में संबंधित उम्मीदवार को नोटिस किया जाता है तथा उम्मीदवार द्वारा नोटिस प्राप्ति के 48 घंटे के भीतर जवाब देना होता है। कमिटी के विचारोपरांत अगर प्रकाशित खबर पेडन्यूज के रूप में पाया जाता है तो उतनी राशि उम्मीदवार के खर्च में जोडा जाता है। यद्यपि उम्मीदवार द्वारा राज्यस्तरीय एमसीएमसी कमिटी में भी अपील की जा सकती है। इस संदर्भ में उल्लेखनीय है कि जिला एवं राज्य दोनो स्तरीय कमिटी के विरूद्ध अपील के लिए राज्य स्तर पर ही अपीलीय एमसीएमसी गठित है। निर्वाचन के दौरान पेडन्यूज साबित होने की स्थिति में निर्वाचन आयोग प्रिंट मीडिया में प्रकाशित खबर के संदर्भ में सूचना भारतीय प्रेस परिषद को देता है तथा इलेक्ट्रॉनिक चैनल पर प्रसारित पेडन्यूज के बारे में जानकारी राष्ट्रीय प्रसारण मानक प्राधिकरण को दी जाती है।

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