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मैं भी औसत दर्जे का छात्र था पर एकाग्रता से पाई सफलता:-गुप्तेश्वर पांडेय

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परीक्षा में बेहतर सफलता पूरी तरह से एकाग्रता का खेल है कोई छात्र कमजोर तेज नहीं होता जो कोई भी एकाग्रता से पढ़ता है वह सफल होता है:-डीजीपी

खबरें आपकी 31 मार्च पटना :- बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय परीक्षा में छात्रों के बेहतर सफलता को ले अपने स्कूली दिनों को याद करते कहा कि मेरी स्कूली शिक्षा गांव के माहौल में हुई. तब आज की तरह सुविधा संपन्न स्कूल नहीं होते थे. मैं रोज घर से स्कूल हाथ में बोरा और झोला लेकर जाता था. बोरा बिछाकर अपनी क्लास में जमीन पर बैठता और झोले में मेरी किताबें रहती थी.यह झोला भी बोरे का काट कर बनाया होता था.हमारे शिक्षक सामने खटिया पर बैठते थे.

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बीबी हाई स्कूल बक्सर से मैट्रिक जो उस समय 11 मी होती थी.पास करने के बाद पटना आ गया यहां इंटर आर्ट्स में दाखिला पटना कॉलेज में मिला 1979 में यहां से फर्स्ट डिवीजन पास किया। यह वह वक्त था बड़ी बात मानी जाती थी.आज की तरह ज्यादा नंबर नहीं मिलते थे.इसे पास करने के लिए परीक्षा के दिनों में बहुत मेहनत करनी पड़ी. तब आज की तरह ऑब्जेक्टिव सवाल नहीं होते थे। सारे सवाल सब्जेक्टिव ही होते थे. मुझे याद है इंटर पास करने के बाद भी हमें मालूम नहीं था की कैरियर में आगे क्या करना है. हमारे जमाने की तुलना में आज के बच्चे ज्यादा सजग है. पटना कॉलेज से ही मैंने फर्स्ट डिवीजन में बीए किया फिर m.a. कर ही रहा था कि मेरा चयन राजस्व सेवा में हो गया इसके अगले साल 1987 में मैं आईपीएस बन गया आज बिहार का डीजीपी हूं.

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पीछे पलट कर देखता हूं तो पाता हूं कि, मैं एक अच्छा या मेधावी स्टूडेंट कभी नहीं रहा मैं तो एकदम औसत दर्जे का छात्र था लेकिन मेरी आदत थी परीक्षा के 4 से 5 महीना पहले पूरी तरह पढ़ाई में लग जाता था तब पूरी एकाग्रता से सिर्फ और सिर्फ पढ़ाई करता था हालांकि मैं कहना चाहता हूं कि चार महीना पढ़ने वाले मेरी आदत छात्र नहीं सीखे.अगर मैं कुछ महीने का एकाग्रता से पढ़ कर अच्छे नंबरों से पास हो सकता हूं. तो जो छात्र वर्षभर एकाग्रता से पढ़ेंगे वह निश्चित रूप से टॉपर बनेंगे, अपने अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूं की परीक्षा में बेहतर सफलता पूरी तरह से एकाग्रता का खेल है कोई छात्र कमजोर तेज नहीं होता जो कोई भी एकाग्रता से पढ़ता है वह सफल होता है. क्योंकि इसमें ऊर्जा और शिक्षा का ग्रहण करने की शक्ति बढ़ जाती है छात्रों से मैं यही कहना चाहता हूं की रेगुलर स्टडी करें और पूरी एकाग्रता से करें अगर ऐसा करते हैं तो जीवन में हर मुकाम हासिल कर सकते हैं

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