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भोजपुर का लाल भी झारखंड में नक्सली हमले में शहीद

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शहीद के पैतृक गांव बाघीपाकड़ में पसरा सन्नाटा

शहीद के पार्थिव शरीर के इंतजार में टकटकी लगाये बैठे लोग

आज होगा शव का अंतिम संस्कार

खबरें आपकी,आरा। झारखंड में शुक्रवार की शाम नक्सली हमले में भोजपुर का लाल गोवर्धन पासवान भी शहीद हो गया। वे धोबहां ओपी के बाघी पाकड़ गांव के रहने वाले थे और झारखंड पुलिस में एएसआई थे। उनकी शहादत की खबर मिलते ही उनके गांव में सन्नाटा पसर गया। शहीद के घर में भी कोहराम मचा है। गोवर्धन की शहादत की खबर मिलते ही उनके घर पर लोग उनके घर पहुंचने लगे थे। अपने गांव के लाल का अंतिम दर्शन करने के लिए शनिवार की सुबह से लोग टकटकी लगाये बैठे थे। शहीद का पार्थिव शनिवार की देर रात तक आने की बात कही जा रही है। बता दें कि सरायकेला-खरसावां जिले के तिरुलडीह थाना के कुकडू हाट में शुक्रवार की शाम नक्सलियों ने नाश्ता कर रहे पुलिस की गश्ती दल पर हमला कर दिया था। घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने पांच पुलिसकर्मियों को घेर कर गोलियों से भून दिया। इसके बाद सभी की गला रेत बेरहमी से हत्या कर दी। उनमें भोजपुर के गोवर्धन पासवान भी शामिल हैं। हमले के बाद नक्सली सभी पुलिस कर्मियों के हथियार भी ले भागे थे। बाघी पाकड़ गांव निवासी मोती पासवान के पुत्र गोवर्धन पासवान की वर्ष 1998 में पुलिस की नौकरी ज्वाईन की थी। उनकी पहली पोस्टिंग झारखंड के कोडरमा में हुई थी।

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आरा में बाइक सवार युवकों की टोली करेगी शहीद का स्वागत

आरा। शहीद गोवर्धन पासवान के परिजनों ने बताया कि शनिवार को करीब 11 बजे झारखंड में पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसके बाद शहीद के शव को गार्ड आफ आॅनर दिया जाएगा। इसके बाद शव को पैतृक गांव भोजपुर जिले के धोबहां ओपी के बाघी पकड़ गांव लाया जाएगा। गांव आने के बाद शहीद के पार्थिव शरीर को परिजनों व आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार रविवार की सुबह गंगा नदी तट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। वही गांव के लोग भी शहीद बेटे की अंतिम विदाई देने की तैयारी में जुटे हुए हैं। शहीद जवान के सम्मान में आरा पुलिस लाइन से ही बाइक सवार लोगों का जत्था शव वाहन के साथ गांव पहुंचेगा।

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शहादत की खबर सुन बेसूध पड़ी शहीद की पत्नी

आरा। नक्सली हमले में गोवर्धन पासवान के शहीद होने की खबर मिलने के साथ ही उनकी पत्नी निर्मला देवी दहाड़ मार कर रोने लगी। पति के वियोग में वह बार-बार बेहोश हो रही है। आसपास की महिलाएं व नाते-रिश्तेदार के लोग उसे ढांढस बांधते हुए नियति को कोस रहे थे। बेटों व बेटी का हाल भी खराब था। घर के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है। बताया जाता है कि गोवर्धन पासवान की शादी बिहिया थाना क्षेत्र के करजा गांव कि निर्मला देवी के साथ हुयी थी। उनको दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं। एक पुत्री निकी देवी की शादी पिछले साल ही छोटी सासाराम गांव में हुई है। छोटी बेटी शीला कुमारी नौवीं क्लास की छात्रा है। बड़ा पुत्र सुमित कुमार आरा महाराजा कालेज में स्नातक प्रथम वर्ष का छात्र है। वहीं दूसरा पुत्र मनजीत उर्फ लालबाबू कुंवर सिंह कॉलेज में इंटर में पढता है।

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शहीद के नाम पर स्कूल बनाने की उठी मांग

आरा। गोवर्धन पासवान ने देश की सुरक्षा में अपनी जान न्योछावर की है। उनके व उनके पूरे परिवार को पूरा सम्मान मिलना चाहिये। इसे लेकर गांव में उनके नाम पर स्कूल व स्मारक बनाने की मांग भी उठने लगी है। शहीद गोवर्धन के जीजा लालजी पासवान सहित अन्य लोगों ने बताया कि शहीद के नाम से गांव में स्कूल बने और परिवार को उचित मुआवजा मिले। उन्होंने शहादत की सूचना के बावजूद शनिवार की दोपहर तक किसी अफसर के नहीं आने पर चिंता भी जतायी है।






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