भोजपुर जिला होगा एनीमिया मुक्त, चलेगा अभियान

भोजपुर जिला होगा एनीमिया मुक्त, चलेगा अभियान

दो चरणों में चलाया जायेगा एनीमिया उन्मूलन अभियान

जिले मेंं 17 जुलाई से चलेगा एनीमिया उन्मूलन अभियान

खबरें आपकी,आरा। भोजपुर जिले को एनीमिया मुक्त बनाने हेतु एनीमिया उन्मूलन अभियान को बेहतर तरीके से चलाने के लिए शहर के ग्रीन हेवेन रिसोर्ट मे बुधवार को जिलास्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। एनीमिया उन्मूलन अभियान लिए चयनित नोडल पदाधिकारी और ज़िला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिन्हा ने कहा की एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत 6-59 माह के शिशु, 5-9 वर्ष के बच्चे, 10-19 वर्ष के विद्यालय जाने वाले किशोर व किशोरियों,10-19 वर्ष के विद्यालय नहीं जाने वाले किशोर व किशोरियों, प्रजनन उम्र कि महिलाओं, गर्भवती और धात्री महिलाओं में एनीमिया के रोकथाम हेतु आईएफए (आयरन फोलिक एसिड) का अनुपूरण किया जाना है। डॉ. सिंह ने कहा की एनीमिया बहुत बीमारियों की जड़ है और देश को इससे मुक्त करना है। इस संदर्भ मे सिविल सर्जन डॉ. ललीतेश्वर प्रसाद झा ने बताया कि एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ समस्या है जो मानसिक और शारीरिक क्षमता को प्रभावित करती है। ज़िले मे अधिकाधिक लोग इससे पीड़ित हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ सर्वेक्षण 4 के अनुसार बिहार मे 6 से 59 माह के 63.5 प्रतिशत बच्चे, प्रजनन आयु वर्ग की 60.3 प्रतिशत महिलाएं एवं 50.3 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनीमिया से ग्रसित हैं। बाल्यावस्था मे खून की कमी के कारण मानसिक और शारीरिक विकास बाधित होता है तथा कुपोषण की संभावना बढ़ जाती है। वही किशोरावस्था मे अगर सही पोषण नही मिले तो दैनिक कार्य करने कि क्षमता घट जाती है और एकाग्रता मे भी कमी आती है।

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दो चरणों में होगी शुरुआत

आरा। डॉ. सिन्हा ने कहा प्रथम चरण मे 10-19 वर्ष के बच्चे विद्यालय जाने वाले किशोर व किशोरियो,10-19 वर्ष के विद्यालय नहीं जाने वाले किशोर व किशोरियो को सप्ताह मे 1 बार नीली आईएफए की गोली एवं गर्भवती और धात्री महिलाओं को 180 लाल आईएफए की गोलियां दी जायेंगीं । द्वितीय चरण मे कार्यक्रम के अंतर्गत 6-59 माह के शिशु माह के बच्चों को सप्ताह मे 2 बार आईएफए सीरप तथा 5-9 वर्ष के बच्चे को सप्ताह मे 1 बार गुलाबी गोली देने की शुरुआत की जायेगी।

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प्रखंड में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी होंगे नोडल

आरा। जिला कार्यक्रम प्रबन्धक प्रेम रंजन मोदी ने बताया की जिलास्तर पर जहां जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी इसके नोडल होंगे। वही प्रखण्ड स्तर पर प्रभारी चिकित्सा पदधिकारी को इसका नोडल निर्धारित किया गया है । इसके अलावे ज़िला और प्रखण्ड स्तर पर आकस्मिक रेस्पाॅन्स टीम का भी गठन किया जाएगा और सभी जगहों पर आईएफए गोली एवं सीरप का आपूर्ति भी किया जाना है। प्रशिक्षण में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आइसीडीएस रश्मि चौधरी, एसएमसी कुमुद मिश्रा, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, बीसीएम और दूसरे अधिकारियों और कर्मियों ने भाग लिया।

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