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कश्मीर में 370 धारा हटाने से वहा के स्थानीय लोगो और नेताओ में अफरा तफरी क्यों है

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जम्‍मू कश्‍मीर से धारा 370 हटाए जाने से कश्मीर तनाव में क्यों है और भारत क्या कर सकता है ?

धारा 370 Article क्या है?

जम्मू और कश्मीर राज्य को अनुच्छेद 370 के तहत विशेष दर्जा दिया गया है। संविधान के सभी प्रावधान जो अन्य राज्यों पर लागू हैं, वे नहीं हैं जम्मू और कश्मीर के लिए लागू है। उदाहरण के लिए, 1965 तक, जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल के लिए एक सदर-ए-रियासत थी।

जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरी सिंह ने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक संबंध को लेकर बातचीत की थी इस मीटिंग के नतीजे में बाद में संविधान के अंदर आर्टिकल 370 को जोड़ा गया था . आर्टिकल 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार मिलता  है. इस आर्टिकल के मुताबिक, भारतीय संसद जम्मू-कश्मीर के मामले में सिर्फ तीन क्षेत्रों- रक्षा, विदेश मामले और संचार के लिए कानून बना सकती है. इसके अलावा किसी कानून को लागू करवाने के लिए केंद्र सरकार को राज्य सरकार की मंजूरी चाहिए.1956 में जम्मू-कश्मीर का अलग संविधान बना.

धारा 370 का इतिहास

जम्मू कश्मीर के लोगो के पास दोहरी नागरिकता होती है एक तो भारत की और दूसरा जम्मू कश्मीर की.

2. जम्मू कश्मीर की कोई महिला अगर भारत के किसी राज्य के व्यक्ति से शादी कर ले तो उसकी जम्मू कश्मीर की नागरिकता ख़त्म हो जाती है, लेकिन अगर वो पाकिस्तान के व्यक्ति से शादी कर ले तो पाकिस्तान के व्यक्ति तो जम्मू कश्मीर की नागरिकता मिल जाती है इस तरह वो पाकिस्तान के व्यक्ति को भारत की नागरिकता भी प्राप्त हो जाती है जो की गलत है .

3. जम्मू कश्मीर में भारत के राष्ट्र ध्वज का अपमान अपराध नहीं है

4.जम्मू कश्मीर का झंडा भी अलग होता है.

5. जम्मू कश्मीर में बहार के लोग आ के जमीं नहीं खरीद सकते है

6. 370 धरा के कारण जम्मू कश्मीर में शिक्षा का अधिकार लागु नहीं है.

7. जम्मू कश्मीर में पंचायत के पास कोई अधिकार नहीं है.

8. भारत के राज्यों में विधान सभा का कार्य- कल 5 सालो को होता है जबकि जम्मू कश्मीर में 6 सालो का.

9. जम्मू कश्मीर में आज भी चपरासी के पद पे काम करने वालो की वेतन 2500 है



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