भागदौड़ की जिंदगी में शांति प्रदान करता है संगीत-डॉ. डीपी तिवारी

भागदौड़ की जिंदगी में शांति प्रदान करता है संगीत-डॉ. डीपी तिवारी

जैन महाविद्यालय का नाम शिक्षा जगत में सदैव उल्लेखनीय-शैलेंद्र ओझा

गायन व वादन के अद्भुत संगम का गवाह बना जैन काॅलेज

खबरें आपकी,आरा। स्थानीय हर प्रसाद दास जैन महाविद्यालय के सभागार मे प्रदर्श कला सर्टिफिकेट कोर्स उद्घाटन समारोह हुआ। इसके पूर्व वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) देवी प्रसाद तिवारी ने हर प्रसाद दास जैन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। प्रदर्श कला सर्टिफिकेट कोर्स का उद्घाटन कुलपति प्रो. (डॉ.) देवी प्रसाद तिवारी ने किया।इस अवसर पर कुलपति महोदय डॉ. तिवारी को महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. शैलेन्द्र कुमार ओझा ने गेस्ट ऑफ ऑनर सम्मान से सम्मानित किया। महाविद्यालय परिवार की ओर से पुणे से पधारे अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध तबलावादक पंडित अरविंद कुमार आजाद एवं बनारस घराने के अंतर्राष्ट्रीय गायक पंडित रामप्रकाश मिश्र को गेस्ट ऑफ ऑनर सम्मान प्रदान किया गया।

डॉ. गजेन्द्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में प्रदर्श कला के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गान और महाविद्यालय गान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. शैलेन्द्र कुमार ओझा ने कहा कि एचडी जैन महाविद्यालय का नाम शिक्षा जगत में सदैव उल्लेखनीय है। प्रधानाचार्य ने कुलपति का स्वागत करते हुये कहा कि ऐसे अवसर पर उनका आगमन एक अत्यंत सुखद अनुभूति है। कुलपति डॉ. डीपी तिवारी ने कहा कि भागदौड़ की जिंदगी में संगीत शांति और सुकून प्रदान करता है। इस अवसर पर छात्र कल्याण अध्यक्ष डॉ. केके सिंह को प्रदर्शन कला की ओर से शॉल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। डॉ. केके सिंह ने कहा कि प्रदर्श कला सर्टिफिकेट कोर्स के माध्यम से छात्र छात्राओं को आगे बढ़ने के कई अवसर मिलेंगे। वही समन्वयक डॉ. स्मिता जैन ने कहा कि कला अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है।

समारोह में पुणे से आये तबला वादक पंडित अरविन्द कुमार आजाद ने स्वतंत्र तबला वादन में बनारस का उठान, कायदा, रेला, गत इत्यादि सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वही बनारस घराने के गायक पंडित रामप्रकाश मिश्र ने राग मेघ में छोटा ख्याल, तराना, ठुमरी “मैने लाखो के बोल सहे सितमगर तेरे लिये ” व कजरी सुनाकर समा बांधा। हारमोनियम पर संगत बक्शी विकास, स्वर संगत ऋषभ प्रकाश व रविशंकर नारायण सिंह ने किया। मंच संचालन प्रो. पुष्पा द्विवेदी व धन्यवाद ज्ञापन शशिकान्त चौबे ने किया।






Don`t copy text!
LATEST NEWS