पूर्व प्रधानमंत्री स्व: राजीव गांधी के 75वी जयंती पर शाहपुर में विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन

पूर्व प्रधानमंत्री स्व: राजीव गांधी के 75वी जयंती पर शाहपुर में विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन

This slideshow requires JavaScript.

कंप्यूटर क्रांति के जनक राजीव गांधी ने उन्नीसवीं सदी में इक्कीसवीं सदी के भारत का सपना देखा था

आज हर हाथ में दिखने वाला मोबाइल राजीव गांधी की देन है:- राकेश त्रिपाठी

खबरें आपकी,आरा/शाहपुर प्रखंड कांग्रेस पार्टी द्वारा देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व: राजीव गांधी के 75वी जयंती के अवसर कुड़वा शिव पर्यटन स्थल के समीप विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता करते प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष राकेश त्रिपाठी ने कहा की आज़ाद भारत स्वर्गीय राजीव गांधी के महत्वपूर्ण योगदान के लिए हमेशा उनका ऋणी रहेगा।स्व. राजीव गांधी ने उन्नीसवीं सदी में इक्कीसवीं सदी के भारत का सपना देखा था। स्व. राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त, 1944 को मुंबई में हुआ था। स्वभाव से गंभीर लेकिन आधुनिक सोच और निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता वाले स्व. राजीव गांधी देश को दुनिया की उच्च तकनीकों से पूर्ण करना चाहते थे। वे बार-बार कहते थे कि भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने के साथ ही उनका अन्य बड़ा मक़सद इक्कीसवीं सदी के भारत का निर्माण है। अपने इसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने देश में कई क्षेत्रों में नई पहल की, जिनमें संचार क्रांति और कंप्यूटर क्रांति, शिक्षा का प्रसार, 18 साल के युवाओं को मताधिकार, पंचायती राज आदि शामिल हैं। वे देश की कंप्यूटर क्रांति के जनक के रूप में भी जाने जाते हैं। वे युवाओं के लोकप्रिय नेता थे। उनका भाषण सुनने के लिए लोग घंटों इंतज़ार किया करते थे। उन्‍होंने अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल में कई ऐसे महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए, जिसका असर देश के विकास में देखने को मिल रहा है। आज हर हाथ में दिखने वाला मोबाइल उन्हीं फ़ैसलों का नतीजा है।

  डीएम ने शाहपुर में बाढ़ को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक, क्षेत्र भ्रमण कर लिया बाढ़ का जायज

धन्यबाद ज्ञापन के साथ शाहपुर विधान सभा के जिला प्रभारी मोहमद मेराज खान ने कहा कि अपने प्रधानमंत्री काल में राजीव गांधी ने नौकरशाही में सुधार लाने और देश की अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के लिए कारगर क़दम उठाए वे सियासत को भ्रष्टाचार से मुक्त करना चाहते थे, लेकिन यह विडंबना है कि उन्हें भ्रष्टाचार की वजह से ही सबसे ज़्यादा आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कई साहसिक क़दम उठाए, जिनमें श्रीलंका में शांति सेना का भेजा जाना, असम समझौता, पंजाब समझौता, मिज़ोरम समझौता आदि शामिल हैं। इसकी वजह से चरमपंथी उनके दुश्मन बन गए। नतीजतन, श्रीलंका में सलामी गारद के निरीक्षण के वक़्त उन पर हमला किया गया, लेकिन वे बाल-बाल बच गए। साल 1989 में उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया, लेकिन वह कांग्रेस के नेता पद पर बने रहे। वे आगामी आम चुनाव के प्रचार के लिए 21 मई, 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेराम्बदूर गए, जहां एक आत्मघाती हमले में उनकी मौत हो गई और देश में शोक की लहर दौड़ पड़ी।विचार संगोष्ठी के अवसर पर कांग्रेस नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद कुमार सिन्हा, राजेश पाण्डेय सदन चौबे, संजय यादव मुखिया प्रतिनिधि कर्जा, राम आशीष पासवान bdc दामोदरपुर, राजेन्द्र सिंह, लतीफ नसरू अंसारी,रामकुमार चौधरी ,नीरज पांडेय ने भी स्व: राजीव गांधी के जीवन पर प्रकाश डालते उन्हें देश के कंप्यूटर क्रांति का जनक कहा।

  बक्सर के छात्र को गोली मारने में वांटेड ने किया कोर्ट में समर्पण





Don`t copy text! सम्पर्क करें-७००४६३२९५९-khabreapki.com डॉ कृष्ण कुमार,दिलीप ओझा,रवि!
LATEST NEWS
बाढ़ पीड़ितों को भोजन, पेयजल, चिकित्सा व नाव उपलब्ध कराये सरकार:-हीरा ओझा प्राथमिकी दर्ज नहीं करने में नप गये धोबहां ओपी अध्यक्ष शाहपुर को बाढ़ क्षेत्र घोषित नही करना यथार्थ से परे- राहुल तिवारी दहेज की खातिर विवाहिता को जिंदा जलाया आरा में रेलवे के निगमीकरण व निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन जेल में बंद कुख्यात बूटन का भतीजा हथियार के साथ गिरफ्तार  देह व्यापार के धंधे के मास्टर माइंड व इंजीनियर समेत चार के विरुद्व चार्जशीट सेक्स रैकेट :- राजद विधायक के घर की होगी कुर्की,कोर्ट पहुंची पुलिस बक्सर के छात्र को गोली मारने में वांटेड ने किया कोर्ट में समर्पण डीएम ने शाहपुर में बाढ़ को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक, क्षेत्र भ्रमण कर लिया बाढ़ का जायज