राजद विधायक अरुण यादव के खिलाफ इश्तेहार जारी, अब कुर्की की तैयारी

राजद विधायक अरुण यादव के खिलाफ इश्तेहार जारी, अब कुर्की की तैयारी

सेक्स रैकेट

पुलिस द्वारा इश्तेहार के साथ कुर्की के लिए भी दी गयी थी अर्जी
कोर्ट द्वारा जारी किया गया सिर्फ इश्तेहार, सरेंडर नहीं करने पर होगी कुर्की
कोर्ट के आदेश पर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंपी गयी किशोरी

खबरें आपकी,आरा। बहुचर्चित सेक्स कांड में राजद विधायक अरुण यादव के खिलाफ सोमवार को कोर्ट ने इश्तेहार जारी कर दिया। इसको ले पुलिस ने सोमवार को ही गिरफ्तारी वारंट लौटाते हुये कोर्ट में अर्जी दी थी। पुलिस ने इश्तेहार के साथ ही कुर्की के लिए भी कोर्ट में अर्जी दी थी। लेकिन कोर्ट ने पुलिस की कुर्की की अर्जी को नामंजूर कर दिया। अब पुलिस कुर्की की तैयारी करेगी। माना जा रहा है कि इश्तेहार चिपकाने के बाद भी विधायक सरेंडर नहीं करते हैं, तो पुलिस कुर्की के लिए कोर्ट जायेगी। इधर, कोर्ट के आदेश पर इस कांड की पीड़िता को सोमवार को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के हवाले कर दिया गया। बताया जाता है कि राजद विधायक की गिरफ्तारी व सरेंडर नहीं किये जाने की स्थिति में केस के आईओ चंद्रशेखर गुप्ता सोमवार को कोर्ट पहुंचे। उन्होंने पॉक्सो के विशेष कोर्ट में विधायक के खिलाफ इश्तेहार व कुर्की के लिए अर्जी दी। इस पर कोर्ट द्वारा इश्तेहार जारी कर दिया गया। बता दें कि छह सितंबर को किशोरी के पुनर्बयान में राजद विधायक अरुण यादव का नाम आया था। उसके बाद पुलिस ने बीते बुधवार को गिरफ्तारी वारंट के लिए अर्जी दी थी। उसके बाद कोर्ट द्वारा शुक्रवार को वारंट जारी कर दिया था। उसके बाद से ही पुलिस विधायक के पीछे लगी है। लेकिन चार दिन बाद भी पुलिस को नहीं ढूंढ सकी है। वहीं तमाम अटकलों के बीच अबतक विधायक द्वारा सरेंडर भी नहीं किया जा सका है।

घर नहीं अब अल्पावास गृह में रहेगी पीड़िता

किशोरी को महिला विकास मंच ने कोर्ट में किया प्रस्तुत

बीते छह सितंबर से महिला विकास मंच की संरक्षण में थी किशोरी

आरा। हाईप्रोफाइल बन चुके इस सेक्स कांड की पीड़िता को महिला विकास मंच द्वारा सोमवार को आरा कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर किशोरी को सीडब्लूसी को सौंप दिया गया। ऐसे में किशोरी अब घर के बदले अल्पावास गृह में रखा जायेगा। मालूम हो कि एक सितंबर को किशोरी का वीडीयो वायरल होने के बाद छह सितंबर को मामले की जांच करने पटना की महिला विकास मंच की एक टीम आरा आयी थी। मामले की जांच व कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद में टीम किशोरी को अपने साथ पटना लेकर चली गयी थी। तब से किशोरी महिला विकास मंच व पटना पुलिस के संरक्षण में थी। कोर्ट के आदेश पर सोमवार को महिला विकास मंच की टीम उसे लेकर आरा पहुंची। उसके बाद किशोरी को कोर्ट के सामने पेश किया गया। बता दें कि महिला विकास मंच की पहल व हस्तक्षेप के बाद ही किशोरी का कोर्ट में दुबारा 164 का बयान दर्ज कराया गया था। उसमें राजद विधायक का नाम आया और यह मामला पूरी तरह हाई प्रोफाइल व सनसनीखेज बन गया था।

प्राथमिकी पर भड़की महिला विकास मंच की सदस्य, कहा पुलिस की कार्रवाई काफी निराशाजनक

आरा। किशोरी को ले आरा पहुंची महिला विकास मंच की सदस्यों के तेवर काफी तल्ख दिखे। किशोरी का फोटो वायरल मामले में प्राथमिकी दर्ज किये जाने पर मंच की सदस्य काफी नाराज थीं। सदस्यों ने भोजपुर पुलिस के अफसरों खासकर एसपी के प्रति नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि भोजपुर पुलिस की इस कार्रवाई से उनलोगों को काफी निराशा हुई है। एक सदस्य ने तो यहां तक कह दिया कि शायद भोजपुर पुलिस विधायक के साथ अपनी दोस्ती निभा रही है। सदस्य फोटो वायरल मामले में प्राथमिकी किये जाने पर सवाल भी खड़ा कर रही थी। उनका कहना था कि एक सितंबर को वायरल की गयी किशोरी के वीडियो के आधार पर मामले की जांच करने आयी थी। उस वीडियो में किशोरी का चेहरा साफ तौर पर दिख रहा था। लेकिन उस मामले में आजतक केस नहीं किया गया। लेकिन किशोरी की भूल के कारण एक सदस्य के फेसबुक पर एक फोटो पोस्ट हो गया। उसे आधार बनाकर किशोरी व कानून की मदद करने आयी सदस्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी। सदस्यों का कहना था कि पटना जाने के समय किशोरी रास्ते में एक मेंबर का मोबाइल चला रही थी। इसी में फोटो फेसबुक पर पोस्ट हो गया।






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