बाढ़ से घिरे शाहपुर के दर्जनों गांव, प्रखंड मुख्यालय से टूटा संपर्क

बाढ़ से घिरे शाहपुर के दर्जनों गांव, प्रखंड मुख्यालय से टूटा संपर्क

बाढ़ का पानी बढ़ने से दहशत, घरों में रहने को लोग मजबूर

हालत बिगड़ने के बावजूद बाढ़ की परिभाषा तय करने में जुटा प्रशासन

खबरें आपकी,शाहपुर। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से शाहपुर इलाके में बाढ़ का कहर तेज हो गया है। दर्जनों गांवों बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं और इन गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है। लोगों मे बाढ़ के बढ़ते पानी के से दहशत व्याप्त है। लोग पूरी तरह से घरों में रहने को मजबूर हो गए है। अंचल क्षेत्र का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्रफल जलमग्न हो चुका है। बावजूद इसके सरकार के दरवाजे तक बाढ़ अबतक दस्तक नहीं दे सका है। सडकों पर बाढ़ का पानी इस कदर चढ़ा है कि अधिकारी ना तो गांव तक जा पा रहे और ना ही गांव के लोग मुख्यालय तक आप आ रहे हैं। इधर, इतनी परेशानी के बावजूद प्रशासन अभी बाढ़ की परिभाषा तय करने की उधेड़बुन में बैठक कर रहा है। बाढ़ की विभीषिका झेलने वालों को कोई बता दें कि बाढ़ की घोषणा कब होगी! बाढ़ पीड़ित और जनप्रतिनिधि छटपटा रहे हैं। साहब अब क्या बाढ़ दोसरे होई! इधर आपदा प्रबंधन के किताबों में अधिकारी बाढ़ की परिभाषा की खोजबीन करने में लगे हुए हैं कि कब, कहां कितना पानी होता है और परिस्थितियां कैसी होती है तब बाढ़ घोषित होती है। इस बीच दर्जनों स्कूलों का पठन-पाठन बंद बंद हो चुका है। गांव के गांव बाढ़ के पानी में गिर चुके हैं। हजारों एकड़ में लगी खड़ी फसलें बाढ़ के पानी के गाल में समा चुके हैं। लेकिन प्रशासनिक तंत्र को अभी भी बाढ़ नही दिख रहा है।






Don`t copy text!
LATEST NEWS