राजद विधायक की ओर से अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल

राजद विधायक की ओर से अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल

सेक्स कांड

पॉक्सो के विशेष कोर्ट में विधायक की याचिका पर आज होगी सुनवाई

विधायक के वकील ने जिला व सेशन कोर्ट में गुरुवार को दाखिल की याचिका

जिला व सत्र न्यायाधीश ने पॉक्सो कोर्ट में ट्रांसफर की याचिका

कुर्की-जब्ती के 11 दिन बाद जमानत की कवायद में जुटे विधायक

खबरें आपकी,आरा। चर्चित सेक्स कांड में फरार चल रहे संदेश के राजद विधायक अरुण यादव जेल जाने से बचने की जुगत में जुट गये हैं। इसके लिए उनकी ओर से गुरुवार को कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की गयी। कुर्की-जब्ती के 11 दिन बाद विधायक के वकील द्वारा जिला व सेशन कोर्ट में जमानत की याचिका दाखिल की गयी। उसे जिला व सत्र न्यायाधीश ने फर्स्ट एडीजे सह पॉक्सो कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। अब याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होने की उम्मीद जतायी जा यही है। सनद हो कि इस मामले में विधायक के खिलाफ कुर्की की भी कार्रवाई हो चुकी है। इधर, पुलिस विधायक को फरार घोषित करते हुये चार्जशीट करने की तैयारी में है। इसके लिए पुलिस द्वारा कागजी तैयारी भी की जारही है। ताकि जल्द से जल्द इस मामले में ट्रायल शुरू किया जा सके। बता दें कि सेक्स कांड में इंजीनियर, मास्टर माइंड व संचालिका सहित चार आरोपितों के खिलाफ पूर्व में ही चार्जशीट की जा चुकी है। मालूम हो कि 18 जुलाई की रात आरा की एक किशोरी से पटना में जबरन देह व्यापार का धंधा कराने का मामला सामने आया था। उस मामले में संदेश के राजद विधायक का भी नाम आया है। विधायक पर किशोरी के साथ अपने आवास पर गंदा काम करने का आरोप लगा है। पिछले छह सितंबर को किशोरी के कोर्ट में पुनर्बयान के बाद विधायक को इस मामले में आरोपित बनाया गया। उसके बाद से ही विधायक भूमिगत चल रहे हैं।

22 दिन बाद भी विधायक तक नहीं पहुंच सकी पुलिस, चल रहा लुकाछिपी का खेल

आरा। सूबे के चर्चित सेक्स कांड में राजद विधायक और पुलिस के बीच लुकाछिपी का खेल जारी है। वारंट जारी होने के बाइस दिन बाद भी पुलिस राजद विधायक तक नहीं पहुंच सकी है। पुलिस वारंट लेकर विधायक के ठिकानों पर दौड़ लगाती रही। लेकिन विधायक हाथ नहीं आ सके। इससे न सिर्फ भोजपुर की एसआईटी व डीआईयू टीम बल्कि पटना पुलिस की भी पोल खुलती नजर आ रही है। बता दें कि छह सितंबर को किशोरी द्वारा कोर्ट में दर्ज कराये गये पुनर्बयान में राजद विधायक अरुण यादव का नाम आया था। उसके दो-तीन बाद तक विधायक अपने इलाके में जमे रहे। तब पुलिस साक्ष्य नहीं होने की बात कह बैठी रही। बाद में महिला विकास मंच द्वारा की गयी पहल को देखते हुये 11 सितंबर को पुलिस गिरफ्तारी वारंट के लिए कोर्ट पहुंची। इस बात की खबर मिलते ही विधायक भूमिगत हो गये। उसके बाद से उनके मोबाइल बंद बताने लगे। वहीं 13 सितंबर को कोर्ट से वारंट मिलते ही पुलिस गिरफ्तारी में जुट गयी। इसे ले ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी गयी। पटना पुलिस के साथ उनके सरकारी आवास व भोजपुर सहित हर ठिकानों पर पुलिस पहुंची। पटना स्थित सरकारी आवास पर तो अबतक तीन बार छापेमारी की जा चुकी है। कुर्की के बाद भी पुलिस विधायक की तलाश में जुटी रही। इधर, समय-समय पर विधायक द्वारा सरेंडर करने की चर्चा चलती रही। लेकिन विधायक सरेंडर करने से भी अबतक बचते रहे हैं। अब अग्रिम जमानत की तैयारी शुरू कर दी गयी।






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