खोईंचा भराई की रस्म के साथ विदा हुई मां, ढोल-नगाड़ों से किया गया विसर्जन

खोईंचा भराई की रस्म के साथ विदा हुई मां, ढोल-नगाड़ों से किया गया विसर्जन

मां की भक्ति गीतों पर थिरकते रही युवाओं की टोली, जमकर उड़े अबीर-गुलाल

हाथी, घोड़े व गाजे-बाजे के साथ निकाली गई विसर्जन यात्रा

विसर्जन जुलूस को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर उमडे रहें लोग

चाक-चौबंद दिखा पुलिसिया व्यवस्था, मुस्तैद रहे पुलिस व प्रशासनिक अफसर

आरा। शारदीय नवरात्र में नौ दिनों तक आराधना के बाद बुधवार को मां दुर्गा विदा हो गई। परंपरा के अनुसार मां को खोईंचा भराई की रस्म अदा कर विदा किया गया।

इसके बाद विधिवत पूजा पाठ व मंत्रोच्चारण के बीच मां की प्रतिमाओं को नदी व जलाशयों में विसर्जित किया गया। इस दौरान श्रद्धालु भक्तों की आंखें नम हो गई। इसके पहले हाथी, घोड़े व गाजे-बाजे के साथ विसर्जन यात्रा निकाली गई। मां की प्रतिमाओं का नगर भ्रमण कराया गया। दोपहर बाद शुरू हुआ विसर्जन देर रात तक चलता रहा। विसर्जन जुलूस को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोग उमडे रहें। मां की प्रतिमाओं को ट्रक, ट्रैक्टर व ठेला पर रख विसर्जन के लिए ले जाया गया। ढोल-नगाड़े व डीजे पर भक्ति व देशभक्ति गीतों की धुन पर युवाओं की टोली थिरकती रही। जय माता दी के जयघोष से पूरा इलाका गूंजता रहा। इस दौरान युवाओं की टोली द्वारा जमकर अबीर गुलाल उड़ाया गया। विसर्जन जुलूस को लेकर आरा शहर के सभी चौक-चौराहों पर दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी के साथ सशस्त्र बल की प्रतिनियुक्ति की गई थी। इसके अलावा विसर्जन जुलूस के साथ पुलिस की गश्ती चल रही थी। विसर्जन जुलूस के दौरान जिले के ग्रामीण इलाके में भी पुलिस-प्रशासन के अफसर मुस्तैद रहें।






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