शाहपुर नपं में मचा रहा हाईवोल्टेज ड्रामा,लाखों की खरीदारी,पार्षद पदाधिकारी के बीच पीस रहे कर्मचारी

शाहपुर नपं में मचा रहा हाईवोल्टेज ड्रामा,लाखों की खरीदारी,पार्षद पदाधिकारी के बीच पीस रहे कर्मचारी

पार्षदों व कार्यपालक पदाधिकारी के बीच आरोप और प्रत्यारोप

पार्षदों व कार्यपालक के बीच पीस रहे बेचारे कर्मचारी

खबरें आपकी,शाहपुर: शाहपुर नगर पंचायत के पार्षदों एवं नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी के बीच आपसी तकरार के कारण शुक्रवार का दिन नगर पंचायत कार्यालय और सभागार में हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। नगर पंचायत में छठ पूजा एवं दीपावली को लेकर सफाई व्यवस्था के लिए मुख्य पार्षद के नेतृत्व में पार्षदों द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी को चर्चा के लिए सभागार में बुलाया गया। लेकिन उन्होंने सभागार में आकर चर्चा करने से इंकार कर दिया। ऐसा आरोप पार्षदों द्वारा लगाया गया। जिसके बाद पार्षद भड़क गए और नगर पंचायत के सभी कर्मियों को सभागार में बुलाकर चर्चा करने लगे। इसी बीच कार्यपालक पदाधिकारी अपने कार्यालय से उठे और शाहपुर थाना में जा बैठे।

पार्षदों ने आरोप लगाया कि कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा नगर पंचायत के कर्मियों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह काम ना करें। इधर कार्यपालक पदाधिकारी जुल्फिकार अली प्यामी ने बताया कि कर्मचारियों को पार्षदों द्वारा जबरन बैठाया गया और कार्य बाधित किया गया। ऐसी सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से नपं के कर्मियों द्वारा दिया गया। इसकी सूचना उन्होंने जिलाधिकारी एवं एसडीएम को भी दी है।जबकि कर्मचारियों द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी पर ही आरोप लगाते मैसेज भेजकर दबाब बनाने की बात कही गयी।

वही मुख्यपार्षद विजय सिंह व उपमुख्यपार्षद रमेश राम सहित कई पार्षदों ने कार्यपालक पदाधिकारी पर मनमानी तरीके से कार्य करने तथा शाहपुर से लगातार गायब रहने का आरोप लगाते कहा कि कार्यपालक नंप के विकास कार्य मे सबसे बड़े बाधक बन गये है इनके कार्यालय नही आने के कारण नंप शाहपुर को राजस्व की भारी क्षति हो रही है गाड़ी एवं तेल शाहपुर नंप से ले रहे है परन्तु कार्यालय तीन महीने में मात्र 7 से 10 दिन आये है मुख्यपार्षद विजय कुमार सिंह ने कहा कि क्रय समिति की अनुसंशा किये बिना ही मनमानी तरीके लाखों रुपये के अनुपयोगी सामानों की खरीदारी कार्यपालक पदाधिकारी ने किया है जबकि ऐसे सामानों की खरीदारी पूर्व में नंप द्वारा कर ली गयी थी जिनका आज तक कोई उपयोग नही हुआ वो अभी तक यथा स्थिति में पड़ा हुआ है फिर दुबारा ऐसे सामानों की खरीदारी करना जानता के पैसों का दुरुपयोग के साथ बड़े घोटाले को भी नकारा नही जा सकता।






This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Don`t copy text!
LATEST NEWS