वर-वधू के सौभाग्य के प्रतीक कोहबर शैली से रुबरु हुए बच्चे

भोजपुरी कला यात्रा कार्यशाला- सह-प्रदर्शनी का दूसरा दिन समपन्न

शहर के मझौंवा स्थित संभावना आवासीय उवि में चल रहा कार्यशाला

30 दिसंबर को विद्यालय परिसर में ही लगाई जाएगी चित्रों की प्रदर्शनी

खबरें आपकी, आरा। शहर के मझौंवा स्थित संभावना आवासीय उच्च विद्यालय परिसर में भोजपुरी चित्रकला के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित भोजपुरी कला यात्रा कार्यशाला-सह-प्रदर्शनी के दूसरे दिन का कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर प्रतिभागियों को भोजपुरी चित्रकार संजीव सिन्हा ने परम्परागत कोहबर शैली से परिचय करवाया। उन्होंने बताया कि कोहबर शैली चित्रकारी न होकर लेखन शैली है, जो विवाह के बाद वर-वधू के सौभाग्य के प्रतीक हैं। इस कार्यशाला में 200 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। जिनके चित्रों की प्रदर्शनी 30 दिसंबर को विद्यालय परिसर में ही लगाई जाएगी। जिसका उदघाटन और अवलोकन कला-संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार करेंगे। जिसके बाद सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।

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आज के प्रशिक्षण में सर्जना ट्रस्ट के फ़ैशन डिजाइनर अमन श्रीवास्तव और शोधार्थी रवि प्रकाश सूरज ने सहयोग दिया। आज की कार्यशाला में विद्यालय निदेशक डॉ. कुमार द्विजेन्द्र, प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह, विद्यालय के शिक्षक विष्णु शंकर, सोनम कुमारी, रेणु सिंह और राघवेन्द्र वर्मा ने उपस्थित होकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। शुक्रवार को तीसरे दिन कैलिफोर्निया, अमेरिका से आई भोजपुरी गायिका स्वस्ति पांडेय संस्कार गीतों को प्रस्तुत करेंगी।

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