नई पीढ़ी को भोजपुरी कला से जोड़ने के लिए सरकार प्रयासरत-प्रमोद

संभावना स्कूल में कार्यशाला-सह-प्रदर्शनी के उद्घाटन के मौके पर बोले कला एवं संस्कृति मंत्री

चित्र हमें हमारी प्रकृति से जुड़ाव की याद दिलाते हैं-अर्चना

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प्रदर्शनी का अवलोकन कर प्रतिभागियों को मेडल और प्रमाण-पत्र प्रदान किया

समारोह में मुख्य आकर्षण गोरखपुर से आये बैंड ‘बुद्ध से कबीर तक’ की विशेष प्रस्तुति रही

खबरें आपकी, आरा। ‌भोजपुरी कला संस्कृति के लिए आने वाला नया साल काफी सारी सौगात लेकर आया है। नई पीढ़ी को भोजपुरी कला से जोड़ने के लिए बिहार सरकार के कला विभाग ने इस पर आधारित कोर्स को तैयार किया है। जिसे मधुबनी में स्थापित मिथिला पेंटिंग के महाविद्यालय में पढ़ाया जाएगा। उक्त घोषणा प्रमोद कुमार, कला एवं संस्कृति मंत्री ने संभावना आवासीय उच्च विद्यालय, आरा में भोजपुरी कला यात्रा कार्यशाला-सह-प्रदर्शनी के अंतिम दिन की। मंत्री ने कहा कि विद्यालय परिवार के प्रति ऐसे आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया और प्रतिवर्ष भोजपुरी कला महोत्सव कराए जाने पर विचार का आश्वासन दिया।

इसके पूर्व सर्जना न्यास एवं संभावना विद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधान में आव, रंग भरल जाव” कार्यशाला की प्रदर्शनी का उदघाटन संयुक्त रूप से कला संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार, विद्यालय निदेशक डॉ. कुमार द्विजेन्द्र, प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह, सर्जना ट्रस्ट के अध्यक्ष संजीव सिन्हा तथा पूर्व विभागाध्यक्ष हिंदी-भोजपुरी विभाग डॉ. नीरज सिंह ने की। इस अवसर प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने अतिथिओ का अभिनंदन करते हुए कहा कि ऐसी कला हमारी विलुप्त होती परम्परा की प्रतीक है और ऐसे चित्र हमें हमारी प्रकृति से जुड़ाव की याद दिलाते हैं। मंत्री प्रमोद कुमार ने इसके बाद बच्चों द्वारा बनाये गए लगभग 500 चित्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यालय के प्रतिभागियों को मेडल और प्रमाण-पत्र दिया।

विद्यालय के छात्रों जाह्नवी वर्मा, प्रिया कुमारी, आयुष, हर्षिता कुमारी, प्रिया (वर्ग-5), आंशि कुमारी, शिवानी कुमारी, आदित्य तिवारी, अंकिता कुमारी, आलोक अतुल्य और अग्रणी प्रिया, श्रील को सराहनीय पेंटिंग के लिए पुरस्कृत किया गया। ‌समापन समारोह का, प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यालय के प्रतिभागियों को मेडल और प्रमाण-पत्र दिया।

समापन समारोह का मुख्य आकर्षण गोरखपुर से आये बैंड ‘बुद्ध से कबीर तक’ की विशेष प्रस्तुति रही। जिसके युवा सदस्य आदित्य राजन, जगदम्बा राज जायसवाल और आदर्श आदि ने सुमधुर कबीर गायन और भोजपुरी फ्यूजन गीतों से उपस्थित अथितियों एवं छात्रों को भावविभोर कर दिया। इसके बाद कला संस्कृति मंत्री ने भोजपुरी कला पर आधारित दो पुस्तकों ‘भोजपुरी चित्रकला आ लोकपरम्परा’ और ‘आव, रंग भरल जाव’ का लोकार्पण भी किया। जिसे चित्रकार संजीव सिन्हा ने तैयार किया है। विद्यालय के संगीत शिक्षक सरोज सुमन के निर्देशन ने छात्राओं ने भोजपुरी मंगलाचरण और भिखारी ठाकुर द्वारा रचे गीतों की प्रस्तुति दी।

अपने सम्बोधन में डॉ. नीरज सिंह ने भोजपुरी की सांस्कृतिक परम्परा और इसके भौगोलिक विस्तार की चर्चा की तथा बच्चों द्वारा किये गए कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की। पत्रकार और भोजपुरी कवि बृजम पांडेय ने भोजपुरी कविता प्रस्तुति की। जेपी विश्वविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक प्रो. पी. राज सिंह ने सर्जना ट्रस्ट द्वारा भोजपुरी चित्रकला को संरक्षित करने की दिशा में उठाये जा रहे प्रयासों को और अधिक क्षेत्रों में विस्तार करने की आवश्यकता जताई।

कार्यक्रम के अंत में बुद्ध से कबीर तक बैंड ने कबीर के गीत ‘मन ना रंगाए, रंगाए जोगी कपड़ा’ और भोलानाथ गहमरी की कविता ‘कांच कुश से भरल डगरिया’ गाकर कार्यक्रम में अद्भुत समां बांध दिया। इसके बाद बैंड के सदस्यों तथा भोजपुरी कला यात्रा से जुड़े सदस्यों अमन श्रीवास्तव, विष्णु शंकर, सुनील पांडेय, रवि प्रकाश सूरज, सर्जना ट्रस्ट के संजीव सिन्हा और भोजपुरी संस्था आखर के सदस्य यशवंत मिश्र को पूर्व प्राध्यापक डॉ. एसपी श्रीवास्तव, डीएवी की पूर्व प्राचार्या मीरा श्रीवास्तव और बाल हिंदी पुस्तकालय के सचिव विजय कुमार सिंह तथा भूमिका के निदेशक सुधीर शर्मा ने संयुक्त रूप से सम्मानित किया।

धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विद्यालय निदेशक कुमार द्विजेन्द्र ने बुद्ध से कबीर बैंड का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये सौभाग्य की बात है कि हम कबीर के गीतों को सुनते हुए साल का अंत कर रहे हैं और बुद्ध के वचनों को याद करते हुए नए साल में कदम रख रहे हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों, आयोजकों और विद्यालय शिक्षकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि संभावना विद्यालय भोजपुरी कला-साहित्य-संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। संचालन उप प्राचार्य राघवेंद्र वर्मा ने किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक और क्षेत्र की उपस्थित थी।

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