Homeचर्चित न्यूजमालाकार जी लड़के पर गोली क्यों चलवा दिए? श्रीकांत प्रत्यूष

मालाकार जी लड़के पर गोली क्यों चलवा दिए? श्रीकांत प्रत्यूष

Journalist Shrikant Pratyush: आखिर उस लड़के पर गोली चलवाने का आदेश किसने दिया था। इस सवाल के जवाब में थानाध्यक्ष का रुख बेहद रक्षात्मक रहा।

  • हाइलाइट: Journalist Shrikant Pratyush
  • राजेश मलाकार से पत्रकार श्रीकांत प्रत्यूष ने पूछे तीखे सवाल

आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद मामला गंभीर मोड़ ले चुका है। इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े हो रहे हैं और पुलिस की भूमिका पर आमजन के बीच गहरा असंतोष है। इस मामले की तह तक जाने के लिए मीडिया कर्मी श्रीकांत प्रत्यूष ने जब शाहपुर थाना पहुंचकर तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मलाकार से तीखे सवाल किए, तो एक ऐसी बहस सामने आई जिसने पुलिसिया कार्रवाई पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्या इसे टाला जा सकता था?

Journalist Shrikant Pratyush: क्या पुलिस को किसी को गोली मारने का अधिकार है?

पत्रकार श्रीकांत प्रत्यूष ने शाहपुर थाने पहुंचकर निलंबित थानाध्यक्ष राजेश मलाकार की खोजबीन की। पहले तो वे नहीं मिले, लेकिन बाद में उनको थाना गेट की तरफ जाते हुए देख पत्रकार ने उनका पीछा किया और दौड़ते हुए उनसे सीधा सवाल किया, मालाकार जी लड़के पर गोली क्यों चलवा दिया? आखिर उस लड़के पर गोली चलवाने का आदेश किसने दिया था। इस सवाल के जवाब में थानाध्यक्ष का रुख बेहद रक्षात्मक रहा। उन्होंने यह कहते हुए बाइट देने से इनकार कर दिया कि उन्हें अधिकार नहीं है, जिस पर पत्रकार ने पलटवार करते हुए पूछा कि क्या पुलिस को किसी को गोली मारने का अधिकार है।

यह पूरी तरह से सेल्फ-डिफेंस का मामला: राजेश मलाकार

निलंबित थानाध्यक्ष राजेश मलाकार ने अपने बचाव में तर्क दिया कि पुलिस ने उसे अंतिम क्षणों तक बचाने का हर संभव प्रयास किया था। उन्होंने दावा किया कि युवक के पास पिस्टल थी और उसने पुलिस बल पर करीब दस से पंद्रह राउंड गोलियां चलाईं। थानाध्यक्ष के अनुसार, पुलिस ने संयम बनाए रखा और काफी देर तक उसे समझाने का प्रयास किया। जब स्थिति बेकाबू हो गई और जब पुलिस जवान के जान पर बन आई, तब आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की गई। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि गोली मारने का कोई पूर्व उद्देश्य नहीं था, बल्कि यह पूरी तरह से सेल्फ-डिफेंस का मामला था।

हालांकि, मामला इतना सीधा नहीं है जितना पुलिस प्रशासन द्वारा पेश किया जा रहा है। भरत भूषण तिवारी के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पहले ही थाने को सूचना दी थी कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। परिजनों का कहना है कि वे इस चिंता के साथ थाने गए थे, लेकिन उन्हें वहां बैठाए रखा गया और दूसरी तरफ पुलिस ने उसे गोली मार दी। इस पर मलाकार ने तर्क दिया कि परिजन पुलिस पर अब झूठे आरोप लगा रहे हैं, जबकि कल तक वही लोग और मोहल्ले वाले उसे कोस रहे थे और पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि समय के साथ लोगों का नजरिया बदल जाता है और अब वे पुलिस के खिलाफ खड़े हैं।

परिजनों का आरोप है कि उसे बेरहमी से गोली मारी गई

परिजनों का आरोप है कि उसे बेरहमी से गोली मारी गई है, जिसमें शरीर के नाजुक अंगों पर निशान हैं। वहीं पुलिस का दावा है कि उसे बचाने के लिए तुरंत अस्पताल तक ले जाया गया और पटना तक हर संभव चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई गई। यह तर्क देना कि पुलिस को सेल्फ डिफेंस में गोली चलानी पड़ी, लेकिन क्या वह स्थिति वास्तव में इतनी गंभीर थी कि किसी की जान लेनी पड़े, यह जांच का विषय है।

कई नेताओं, ग्रामीणों और परिवार का स्पष्ट रूप से मानना है कि यह कोई एनकाउंटर नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या है। गांव के लोगों का कहना है कि जिस तरह से पुलिस ने पूरी घटना को अंजाम दिया, उससे उनकी नीयत पर शक होता है। दूसरी ओर, पुलिस का यह कहना कि ‘अगर कोई आप पर गोली चलाएगा तो क्या आप चुप बैठेंगे’, एक ऐसा तर्क है जिसे पूरी तरह नकारा भी नहीं जा सकता, लेकिन साथ ही ‘पुलिस की गोली का शिकार होने’ की घटना पर उठने वाले नैतिक सवाल भी अपनी जगह अटल हैं।

क्या वाकई यह आत्मरक्षा का मामला था ?

बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी का यह मामला अभी अधर में लटका है। सच्चाई क्या है और पुलिस की भूमिका कितनी न्यायपूर्ण थी, यह एक निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। एक तरफ कानून की रक्षा करने वाली वर्दी है, तो दूसरी तरफ एक युवक की मौत से उपजा परिवार का दुख और आक्रोश। इस घटना ने बिहार के पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और तनावपूर्ण स्थितियों को संभालने के तरीकों पर फिर से सवाल उठा दिए हैं। क्या वाकई यह आत्मरक्षा का मामला था या फिर एक ऐसी चूक जिसे टाला जा सकता था? यह वह सवाल है जिसका जवाब पीड़ित परिवार के साथ-साथ पूरा समाज भी मांग रहा है।

RAVI KUMAR
RAVI KUMAR
बिहार के भोजपुर जिला निवासी रवि कुमार एक भारतीय पत्रकार है एवं न्यूज पोर्टल खबरे आपकी के प्रमुख लोगों में से एक है।

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