Bunty Karbigahiya Patna: बंटी का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपने इलाके में फल-फूल रहे सेक्स रैकेट और असामाजिक गतिविधियों का विरोध किया था। इस विरोध की कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
- हाइलाइट: Bunty Karbigahiya Patna
- करबिगहिया के होटलों में चल रहा सेक्स रैकेट
- बंटी इस अनैतिक कार्य का मुखर विरोधी था
- पटना के सबसे व्यस्त इलाका से हुआ अपहरण
- वहां मौजूद भीड़ और राहगीर तमाशबीन बने रहे
Patna:राजधानी पटना में कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पटना जंक्शन के पास स्थित दूध मंडी से पांच दिन पहले अगवा किए गए 25 वर्षीय फास्ट फूड विक्रेता बंटी कुमार की निर्मम हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। बंटी का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपने इलाके में फल-फूल रहे सेक्स रैकेट और असामाजिक गतिविधियों का विरोध किया था। इस विरोध की कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
घटना की शुरुआत बीते सोमवार की रात हुई, जब बंटी अपनी दुकान के लिए दही लेने दूध मंडी गया था। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कैसे सात से आठ अपराधियों ने सरेआम बंटी को जबरन खींच लिया। हैरानी की बात यह है कि पटना का सबसे व्यस्त इलाका होने के बावजूद, वहां मौजूद भीड़ और राहगीर तमाशबीन बने रहे। बंटी मदद के लिए गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने भी उसे बचाने की जहमत नहीं उठाई। अपराधी उसे आसानी से उठाकर ले गए और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
Bunty Karbigahiya Patna : पुलिस ने तत्परता दिखाई होती, तो बेटा जीवित होता
बंटी के परिवार का दर्द असहनीय है। उनकी मां किरण देवी का आरोप है कि यदि पुलिस ने अपहरण के दिन ही तत्परता दिखाई होती, तो आज उनका बेटा जीवित होता। परिजनों का कहना है कि वे लगातार कोतवाली और जक्कनपुर थाने के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें केवल कोरे आश्वासन मिले। यहां तक कि जब पुलिस ने तीन संदिग्धों को पकड़ा था, तब भी समय रहते कड़ाई से पूछताछ नहीं की गई, जिसका नतीजा एक होनहार युवक की मौत के रूप में सामने आया।
सेक्स रैकेट का किया था विरोध : बंटी की हत्या के पीछे का मुख्य कारण एक सामाजिक बुराई का विरोध करना बताया जा रहा है। परिजनों के अनुसार, करबिगहिया के होटलों में प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में सेक्स रैकेट चल रहा था। बंटी इस अनैतिक कार्य का मुखर विरोधी था, जिसके कारण मुख्य आरोपी रवीश कुमार ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। बंटी की बहादुरी और सामाजिक सरोकार उसे मौत के मुंह में ले गए।
शनिवार की देर शाम बंटी का शव अथमलगोला थाना क्षेत्र के बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन के पास एक पानी भरे खेत से बरामद हुआ। शव को मिट्टी में दबाया गया था और उसकी हालत इतनी विकृत थी कि पहचान करना मुश्किल था। अंततः परिजनों ने उसके कपड़ों और पैर में लगे लोहे की रॉड से उसकी शिनाख्त की। पुलिस का मानना है कि हत्या से पहले बंटी को बेरहमी से पीटा गया था, जिसके शरीर पर गहरे निशान मिले हैं।
यह घटना न केवल एक परिवार को उजाड़ने वाली है, बल्कि पटना के सुरक्षा इंतजामों पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। पटना जंक्शन, जो कि 24 घंटे सुरक्षा बलों की निगरानी में रहता है, वहां से एक युवक का अपहरण होना पुलिस की विफलता को दर्शाता है। यदि संवेदनशील इलाकों में भी असामाजिक तत्व इस कदर बेखौफ हो जाएं, तो आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस करने पर मजबूर हो जाते हैं।
परिजन घर लौटने का कर रहे थे इंतजार
बंटी अपने पीछे पत्नी, आठ साल का बेटा और पांच साल की बेटी छोड़ गया है। पिता की असामयिक मृत्यु ने इन मासूमों के सिर से साया उठा दिया है। बंटी के परिवार का हर सदस्य न्याय की मांग कर रहा है। उनकी मांग है कि न केवल मुख्य आरोपियों को फांसी की सजा मिले, बल्कि उन अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो जिन्होंने अपराधियों को संरक्षण दिया और इस मामले में घोर लापरवाही बरती।
समाज को यह सोचने की जरूरत है कि क्या हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां सच बोलने और बुराई का विरोध करने की सजा जान देकर चुकानी पड़ती है? बंटी की हत्या केवल एक कानूनी मामला नहीं है, बल्कि यह हमारे सिस्टम की संवेदनहीनता का एक काला अध्याय है। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से दोषियों को कड़ी सजा दिला पाती है, ताकि बंटी के परिवार को कुछ हद तक न्याय मिल सके।
- कब क्या-क्या हुआ:
- 6 जुलाई (सोमवार) की देर रात पटना जंक्शन के दूध मार्केट से बंटी का अपहरण किया गया।
7 जुलाई (मंगलवार) को परिजनों ने कोतवाली थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई। कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा किया। - 7 जुलाई (मंगलवार) पुलिस ने अपहरण की घटना में शामिल तीन आरोपितों को कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार
- 8 जुलाई (बुधवार) को न्यू करबिगहिया में बंटी की बरामदगी की मांग को लेकर सड़क जाम और आगजनी कर प्रदर्शन किया गया।
- 8 जुलाई (बुधवार) को पुलिस ने घटनास्थल की जांच के लिए डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम की मदद ली, एक सौ अधिक सीसीटीवी कैमरा खंगाला गया था।
- 8 जुलाई (बुधवार) को अपहरण मामले में गिरफ्तार तीन आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।
- 10 जुलाई (शुक्रवार) को बंटी की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर लोगों ने कैंडल मार्च निकाला।
- 11 जुलाई (शनिवार) को अथमलगोला थाना क्षेत्र से बंटी का शव बरामद हुआ। परिजनों ने शव की पहचान की।

