राजनीत

दिल्ली अनाज मंडी अगलगी कांड में 50 से अधिक मजदूरों की मौत दुखद: माले

मृतकों के परिजन को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराए सरकार

प्रवासी मजदूरों का कोई रिकार्ड नहीं, बिहार सरकार गंभीरता दिखलाए.

फैक्टरी के अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग.

श्रम कानूनों में संशोधन करके मजदूरों की स्थिति और भी की जा रही खराब

खबरें आपकी,पटना 9 दिसंबर”:- भाकपा-माले के बिहार राज्य सचिव कुणाल ने दिल्ली के भीषण अगलगी कांड पर गहरा दुख जताया है और मृतक परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त किया है. मारे गए 50 मजदूरों में अधिकांश बिहार के हैं. बिहार के लिए यह बहुत बड़ा नुकसान है.
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने मृतक परिजनों के लिए दो-दो लाख मुआवजे की जरूर घोषणा की है लेकिन यह बहुत कम है. प्रत्येक परिवार को कम से कम 10-10 लाख मुआवजे के साथ-साथ सरकारी नौकरी भी उपलब्ध करवायी जानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार हमेशा दावा करती है कि राज्य से पलायन की गति धीमी पड़ी है. लेकिन तथ्य कुछ और ही गवाही देते हैं. आज पहले से कहीं अधिक संख्या में बिहारी मजदूर अपनी रोजी-रोटी के लिए बेहद नारकीय स्थिति में दूसरी जगहों पर काम कर रहे हैं. जहां उनकी सुरक्षा की किसी भी प्रकार की गारंटी नहीं है. प्रवासी मजदूरों को लेकर रजिस्टर बनाए जाने की बहुत पुरानी मांग रही है लेकिन सरकार इसे अनसुना ही करते आई है. यदि प्रवासी मजदूरों का रजिस्टर बनाया जाए, तो हम बिहार से बाहर काम करने वाले मजदूरों का ठीक-ठीक आंकड़ा रख सकते हैं. मुसीबत के समय यह बहुत कारगर साबित होगा.

माले राज्य सचिव ने आगे कहा कि मोदी सरकार पहले से मौजूद श्रम कानूनों में मालिक पक्षीय सुधार कर मजदूरों की स्थिति और भी कमजोर बना रही है. उसके द्वारा 44 श्रम कानूनों को खत्म कर 4 कोड में तब्दील कर देने से प्रवासी मजदूरों सहित देश के लगभग 50 करोड़ मजदूरों को असुरक्षित बनाते हुए पूंजिपतियों-कॉरपोरेटों का गुलाम बना देने का फरमान सुना दिया गया है. दिल्ली में जिस अनाज मंडी में आग लगी है वह रिहायशी इलाके में चलती थी. उस बहुमंजिली इमारत में हवा आने-जाने की कोई व्यवस्था नहीं थी. अधिकतर लोगों की मौतें दम घुटने की वजह से हुई है. नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए ऐसे संस्थान चल रहे हैं. श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधनों के बाद मजदूरों पर आने वाली विपत्ति पहले से कई गुणा बढ़ जाएंगी. इसे अविलंब वापस लेना चाहिए. भाकपा-माले इस भीषण कांड के सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करती है

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