सुर और साज कार्यक्रम ने बिखेरी संगीत की खुशबू

गुरु बक्शी विकास ने ठुमरी दादरा प्रस्तुत कर समा बांधा

विदुषी बिमला देवी के दादरा “दगाबाज तोरी बातिया ना मानूंगी ना मानूंगी……पर कथक नृत्यांगना आदित्या श्रीवास्तव के भाव अभिनय ने सबका मन मोह लिया

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खबरें आपकी, आरा। लीजेंड बक्शी कुलदीप नारायण सिन्हा की स्मृति में शिवादी क्लासिक सेंटर ऑफ आर्ट एण्ड म्यूजिक के तत्वाधान में स्थानीय महाजन टोली स्थित आश्रम परिसर में सुर और साज कार्यक्रम आयोजित किया गय। उद्घाटन डॉ. ममता मिश्रा, रंजीत बहादुर माथुर, राधेश्याम तिवारी, राणा प्रताप सिन्हा व पखावज सम्राट बाबू ललन की पुत्रवधू लीला सिंह ने संयुक्त रुप से किया। कार्यक्रम में युवा कलाकारों में श्रेया, रवि, नवाब ताहिद, रोहित, रौशन व सूरज कान्त पाण्डेय ने संगीत चौपाल कार्यक्रम के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं प्रोफेसर लाल बाबू निराला व आचार्य चंदन ठाकुर ने युगल तबला वादन में उठान, पेशकार, टुकड़ा, लग्गी रेला इत्यादि प्रस्तुत कर तालियां बटोरी।

वहीं गुरु बक्शी विकास ने ठुमरी दादरा प्रस्तुत कर समा बांधा। विदुषी बिमला देवी के दादरा “दगाबाज तोरी बातिया ना मानूंगी ना मानूंगी……पर कथक नृत्यांगना आदित्या श्रीवास्तव के भाव अभिनय ने सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम के समापन में नृत्याचार्य अमित कुमार ने कथक में शिव वंदना, उपज, ठाट, आमद, परन, तिहाई के साथ साथ भजन “श्याम पिया मोरी रंग दें चुनरिया…. पर भाव प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। इस अवसर पर डॉ. जया जैन व अरुण सहाय ने कलाकारों को अंग वस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। संचालन रौशन कुमार ने किया। इस अवसर पर सुश्री नीरजा सिंह, जयप्रकाश शर्मा, रविशंकर, सोनम कुमारी समेत कई संगीत रसिक उपस्थित थे।

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