Tuesday, October 20, 2026
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महाअष्टमी पर मां आरण्य देवी मंदिर में हजारों भक्तों ने लगाई हाजरी

Ara city - आरा शहर की अधिष्ठात्री देवी है मां आरण्य देवी
आरा शहर की अधिष्ठात्री देवी है मां आरण्य देवी

Ara city: मां आरण्य देवी के मंदिर में पूजन एवं दर्शन को लेकर रविवार की अहले सुबह से ही महिला-पुरुष श्रद्धालु भक्तों की भीड़ उमड़ी रही।

  • हाइलाइट: आरा शहर की अधिष्ठात्री देवी है मां आरण्य देवी
  • अहले सुबह 3 बजे आरती के बाद से उमडी रही भक्तों की भीड़
  • देर शाम तक दर्शन हेतू भक्तों और श्रद्धालुओं का लगा रहा तांता

Ara city: शारदीय नवरात्र के आठवें दिन रविवार को देवी दुर्गा के अष्टम स्वरूप महागौरी की पूजा-अर्चना की गई। अष्टमी तिथि को पूजन करने के लिए देवी मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ी रही। शहर की अधिष्ठात्री देवी मां आरण्य देवी के मंदिर में पूजन एवं दर्शन को लेकर रविवार की अहले सुबह से ही महिला-पुरुष श्रद्धालु भक्तों की भीड़ उमड़ी रही।

मां आरण्य देवी मंदिर विकास ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि रविवार को महाअष्टमी तिथि की अहले सुबह 3 बजे माता की आरती हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं का दर्शन हेतु तांता लगा रहा। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। सुबह में देवी के दर्शन के लिए भक्तों की कतार पड़ाव मोड तक पहुंच गई थी।

भक्तों को भीड़ को कतारबद्ध कराने में महिला-पुरुष पुलिसकर्मी, ट्रस्ट के स्टाफ एवं वॉलिंटियर का योगदान रहा। वही मंदिर परिसर में दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी रहे। शहर तथा दुरदराज से आए हुए लोगों द्वारा माता के दरबार में हाजिरी लगाई गई। इस दौरान लोगों ने लोगों ने माता को प्रसाद, नारियल और फुल माला चढ़ाया।

भक्तों की अत्यधिक भीड़ को लेकर मंदिर परिसर में दीप जलाने और नारियल फोड़ने की मनाही थी। महानवमी के दिन मां आरण्य देवी के दरबार में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को भैरव बाबा के रास्ते प्रवेश कराया जाएगा। मुख्य द्वार निकास द्वार के रूप में कार्य करेगा। मंदिर में हवन प्रथम तत्ल पर होगा।

Ara city: मंदिर निर्माण में लोगों ने दिल खोलकर किया दान

मीडिया प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि आज मंदिर हजारों की संख्या में लोगों ने दिल खोल कर दान दिया। दो श्रद्धालु भक्त द्वारा 51-51 हजार रुपये माता के मंदिर निर्माण में सहयोग किया। इसके अलावे हजारों लोगों ने अपनी हैसियत के अनुसार मंदिर निर्माण में दान दिया। इस दौरान ट्रस्ट द्वारा श्रद्धालु-भक्तों के बीच बेसन से निर्मित बुंदिया प्रसाद के रूप में वितरित किया गया।