Shobhi Tola: शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रुद्रनगर छेर नदी के डायवर्सन पर डूबने से दो युवकों की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को आरा-बक्सर मार्ग एनएच 84 को जाम कर दिया।
- हाइलाइट: Shobhi Tola
- पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने प्रशासन की संवेदनहीनता पर उठाए सवाल
- पूर्व विधायक ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग
आरा। भोजपुर जिला के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रुद्रनगर छेर नदी के डायवर्सन पर डूबने से दो युवकों की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को आरा-बक्सर मार्ग एनएच 84 को जाम कर दिया। शिवप्रसन्न यादव, वार्ड पार्षद मनोज पासवान, पूर्व उपमुख्यपार्षद मो.मुख्तार शाह, संतोष यादव, सत्येंद्र यादव,जितेंद्र रवानी सहित कई ग्रामीणों के सड़क पर उतरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने घटना पर दुख जताते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
Shobhi Tola : जगदीशपुर एसडीएम के कार्यशैली से पूर्व विधायक नराज
पूर्व विधायक ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवक गरीब परिवार से आते थे। इसके बावजूद शवों को पोस्टमार्टम के लिए शव को टेम्पो से भेजा गया। भेजने में भी परिजनों को खर्च वहन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि छेर नदी के डायवर्सन के आसपास सुरक्षा के लिए किसी तरह की बैरिकेडिंग नहीं की गई है। इतनी बड़ी घटना के बावजूद प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि हादसे की सूचना के बावजूद जगदीशपुर एसडीएम बिहिया पहुंचे, लेकिन घटनास्थल पर एसडीएम के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि यह गंभीर और संवेदनशील मामला है। प्रशासन को लोगों की समस्याओं और सुरक्षा को लेकर गंभीर होना चाहिए। राहुल तिवारी ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले सचिन रवानी अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे और परिवार के जीवन-यापन का मुख्य सहारा थे। सरकार को उनके परिवार को उचित मुआवजा देना चाहिए।
करीब 18 घंटे बाद दूसरे युवक का शव बरामद
वहीं करीब 18 घंटे बाद छेर नदी से बरामद संदीप कुमार के स्वजन को भी उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग पूर्व विधायक ने की। जानकारी के अनुसार मृतक शाहपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर नगर शोभी टोला वार्ड नंबर-1 निवासी अनिल रवानी का 20 वर्षीय पुत्र संदीप रवानी है। वह अपने पिता के साथ कबाड़ी का काम करता था।
बता दें कि मंगलवार की दोपहर संदीप रवानी, अपने दोस्त सचिन कुमार राम एवं कृष्णा यादव के साथ बाइक द्वारा शाहपुर-बनाही मार्ग पर थाना क्षेत्र के रुद्र नगर छेर नदी के डायवर्शन के समीप बाढ़ देखने के लिए गए थे। उस दौरान तेज बहाव के कारण बाइक समेत तीनों छेर नदी में बह गए थे। हालांकि उस वक्त स्थानीय लोगों के सहयोग से थाना क्षेत्र के शाहपुर नगर शोभी टोला वार्ड नंबर-1 निवासी गंगा यादव के पुत्र कृष्णा यादव को बचा लिया गया था, जिसका इलाज शाहपुर अस्पताल में कराया गया था। जबकि शोभी टोला वार्ड नंबर-1 निवासी जितेंद्र राम के पुत्र सचिन कुमार राम के शव को मंगलवार की शाम स्थानीय गोताखोरों की मदद से बरामद किया गया था।
मूल दायित्वों से विमुख हो चुकी है व्यवस्था:
राज्य में नागरिकों के जीवन की रक्षा करना और उनके अधिकारों का संरक्षण करना प्रशासन का सर्वोपरि कर्तव्य होता है। परंतु, पूर्व विधायक की माने तो रुद्रनगर छेर नदी डायवर्सन की दुर्घटना ने प्रशासनिक मशीनरी की कार्यप्रणाली, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। छेर नदी पुल के पास दो युवकों की डूबने से मौत के बाद प्रशासन का गैर-जिम्मेदाराना रवैया इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि व्यवस्था किस प्रकार अपने मूल दायित्वों से विमुख हो चुकी है।
घटना के उपरांत सामने आए तथ्य अत्यंत पीड़ादायक और निंदनीय हैं। नदी में डूबने की सूचना मिलने व बिहिया ब्लॉक में रहने के बावजूद जगदीशपुर एसडीएम का मौके पर न पहुँचना गहरी उदासीनता को दर्शाता है। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) जैसी महत्वपूर्ण इकाई के पास संसाधनों (ईंधन) का अभाव होना और स्थानीय नागरिकों द्वारा अपने स्तर पर शव को ढूँढना प्रशासनिक व्यवस्था के खोखलेपन को उजागर करता है। इससे भी अधिक मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाली बात यह रही कि बच्चे का शव मिलने के बाद उसे सदर अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस तक उपलब्ध नहीं कराई गई, और शोक संतप्त परिजनों को विवश होकर शव को ऑटो-रिक्शा (टेम्पो) में ले जाना पड़ा।

