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शहीदों के नाम का मातमी जुलूस “बीबी का डोला’ के नाम से निकाला गया

Bibi Ka Dola: जुलूस निकलने की परम्परा लगभग 200 वर्ष पुरानी है, इसमें कर्बला मे हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करके नौहा पढ़कर और मातम किया जाता है।

jay kumar
  • हाइलाइट: Bibi Ka Dola
  • शिया समाज के लोग विशेषकर काला वस्त्र पहनकर मातम मनाते

आरा। शहर में महाजन टोली नं-1 महादेवा रोड, स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से कर्बला के शहीदों के नाम का मातमी जुलूस “बीबी का डोला’ के नाम से निकाला गया। जुलूस स्व: अहमद हुसैन की तरफ से निकाला गया। यह जुलूस महादेवा रोड, धर्मन चौक, गोपाली चौक, शीशमहल चौक, बिचली रोड होते हुए वापस धर्मन चौक, महादेवा रोड स्थित डिप्ली शेर अली के इमामबाड़ा में जाकर समाप्त हुआ।

Bibi Ka Dola: कर्बला मे हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को किया याद

जुलूस निकलने की परम्परा लगभग 200 वर्ष पुरानी है, इसमें कर्बला मे हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करके नौहा पढ़कर और मातम किया जाता है। शिया समाज के लोग विशेषकर काला वस्त्र पहनकर इस शोकपूर्ण घटना की याद में मातम, नौहा करते हुए शोक मनाते है और सभी समुदाय के लोग भी इस शोकपूर्ण घटना की याद में जुलूस के साथ शामिल रहते हुए अपना भरपूर सहयोग करते हैं।

प्रशासन की ओर से जुलूस की देख रेख

जुलूस मे सैयद काज़िम हुसैन, प्रो. सैयद एजाज़ हुसैन, सैयद आबिद बिलग्रामी, सैयद शब्बीर हसन, सैयद हसनैन, सैयद अकील हैदर, सैयद सरफराज हैदर, गुड्डू अंसारी, सैयद कमर बिलग्रामी, सैयद अली हुसैन, सैयद वारिस बिलग्रामी, मोहसिन हैदर, यावर हुसैन, शादाब हुसैन, डाॅ. कौनैन रजा, लड्डन अंसारी आदि अनेक लोग शामिल थे।

जुलूस में गुड्डू अंसारी, ओम प्रकाश “मुन्ना” अजीत रंजन (अधिवक्ता), लड्डन अंसारी, मेहदी हसन, बीर बहादुर, आदि का संचालन में महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रशासन की ओर से जुलूस की देख रेख में अच्छी व्यवस्था रखी गई।

Bijay singh
KRISHNA KUMAR
KRISHNA KUMAR
बिहार के निवासी डॉ. कृष्ण कुमार एक भारतीय पत्रकार है। हिंदी दैनिक समाचार पत्र राष्ट्रीय सहारा, नव संदेश, न्यूज वेबसाईट खबरें आपकी के संपादक, ट्रस्टी, मां आरण्य देवी मंदिर विकास ट्रस्ट तथा सचिव, सनातनी गंगा फाउंडेशन, भोजपुर, आरा।

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