Anant Singh JDU: मोकामा विधायक ने कहा- जेडीयू को 10 सीट जीतने में भी होगी परेशानी; राजीव रंजन बोले- पार्टी अनुशासन से ऊपर कोई नहीं
हाइलाइट: Anant Singh JDU
जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किए गए हैं अनंत सिंह
मोकामा विधायक ने पार्टी नेतृत्व पर साधा निशाना
बोले- नीतीश कुमार नहीं तो जेडीयू भी खत्म
अनंत सिंह ने जेडीयू को 10 सीटें मिलने पर भी जताया संदेह
अपनी पार्टी बनाने का दिया संकेत
नीतीश कुमार को लेकर अनंत सिंह ने कहा- उनसे कोई दूरी नहीं
पटना। जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी से निकाले जाने का कोई अफसोस नहीं है। अनंत सिंह ने दावा किया कि जेडीयू का भविष्य खत्म हो गया है और आने वाले समय में पार्टी को 10 सीटें जीतने में भी परेशानी होगी।
अनंत सिंह ने कहा कि जेडीयू नीतीश कुमार की पार्टी थी, लेकिन अब नीतीश कुमार सक्रिय नहीं हैं, इसलिए पार्टी में बचा ही क्या है। उन्होंने कहा, “जनता मालिक है। मेरे खिलाफ जो कार्रवाई हुई है, अच्छी हुई है। मुझे कोई दिक्कत नहीं है। पार्टी नीतीश कुमार की थी। अब वे नहीं हैं तो पार्टी में कौन है?”
मोकामा विधायक ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें पार्टी से निकालने वाले नेताओं ने जेडीयू के लिए क्या योगदान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह जेडीयू से टिकट मांगने नहीं गए थे, बल्कि पार्टी ने उन्हें बुलाकर टिकट दिया था।
Anant Singh JDU: अपनी पार्टी बनाने का संकेत
अनंत सिंह ने भविष्य में अपनी पार्टी बनाने का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा, “मैं अपनी पार्टी बनाऊंगा।” जेडीयू के भविष्य को लेकर उन्होंने कहा कि अब पार्टी का अस्तित्व समाप्त हो गया है और उसे 10 सीटें हासिल करने में भी मुश्किल होगी।
हालांकि, जेडीयू पर तीखा हमला करने के बावजूद अनंत सिंह ने नीतीश कुमार को लेकर अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से उनकी कोई दूरी नहीं है और वह बीमार रहते हैं। अनंत सिंह ने कहा, “मेरी नीतीश कुमार से कोई दूरी नहीं है। वे बीमार रहते हैं।”
जेडीयू ने अनुशासनात्मक कार्रवाई को सही ठहराया
अनंत सिंह के निष्कासन पर जेडीयू नेता राजीव रंजन ने पार्टी के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि पार्टी अनुशासन से ऊपर कोई नहीं हो सकता। विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह की गतिविधियों की पार्टी ने समीक्षा की थी और उनके आचरण को स्थापित मूल्यों के विपरीत पाया गया। इसी आधार पर दसवीं अनुसूची के तहत उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की गई और उन्हें छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया।







