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बिहिया थाना क्षेत्र के टिपुरा गांव में राजेश यादव की हत्या, सड़क जाम

Rajesh Yadav murder Tipura: आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास सहित आधा दर्जन के अधिक मामले में आरोपित रह चुका था मृतक

  • हाइलाइट: Rajesh Yadav murder Tipura
  • दो माह पूर्व जेल से जमानत पर आए युवक की गोली मारकर की हत्या, सनसनी
  • इलाज के लिए सदर अस्पताल लाने के दौरान रास्ते में तोड़ा दम
  • मृतक को काफी करीब से सर में मारी गई चार गोलियां
  • हत्या का कारण स्पष्ट नहीं, मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस
  • पुलिस ने आरोपी के घर की छापेमारी,एक देशी कट्टा बरामद
  • बिहिया थाना क्षेत्र के टिपुरा गांव में रविवार की दिन घटी घटना

आरा। भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र अंतर्गत टिपुरा गांव में रविवार की दिन एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जब हथियारबंद बदमाशों ने एक युवक की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। मृतक युवक करीब दो महीने पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था। घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। वहीं सूचना मिलते ही बिहिया थाना की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी।

प्रत्यक्ष परिस्थितियों के आधार पर बताया जा रहा है कि हमलावरों ने युवक को बेहद करीब से निशाना बनाया। उसके सिर के पिछले हिस्से में गोलियां मारी गईं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ भी की। वही आक्रोशित ग्रामीणों ने खदरा जाने वाली मोड़ पर शिव मंदिर के समीप टायर जलाकर बिहिया-जगदीशपुर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया।

Rajesh Yadav murder Tipura : जगदीशपुर थाना क्षेत्र के रूपबांध गांव निवासी था मृतक

जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान जगदीशपुर थाना क्षेत्र के रूपबांध गांव निवासी दशरथ सिंह के 35 वर्षीय पुत्र राजेश यादव के रूप में हुई है। राजेश यादव पेशे से किसान था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसका पहले से आपराधिक इतिहास भी रहा है, जिसे देखते हुए घटना के पीछे पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा एंगल होने की भी आशंका जताई जा रही है। हालांकि शुरुआती जांच में हत्या के स्पष्ट कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है।

मृतक के चाचा जोगिंदर यादव ने घटना के संबंध में जो जानकारी दी, उसके अनुसार राजेश यादव अपनी मां का दवा कराने के लिए बाइक से निकला था। वह अपने चाचा हुलास यादव के साथ कटेया गांव गया था, जहां से लौटते समय टिपुरा गांव के समीप कुछ लोगों ने उसे रोक लिया। जोगिंदर यादव का आरोप है कि योगेंद्र यादव ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर राजेश को घेर लिया और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलीबारी इतनी नजदीक से की गई कि बचने का उसे कोई मौका नहीं मिला। जोगिंदर यादव का कहना है कि हमलावरों ने जान लेने की नीयत से ही निशाना साधा और घटनास्थल पर ही राजेश को मौत के मुंह में धकेल दिया।

योगेंद्र यादव सहित अन्य पर इस वारदात को अंजाम देने का आरोप

परिजनों का यह भी कहना है कि गांव में राजेश यादव का कुछ लोगों से विवाद जरूर था, लेकिन जिन पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनके साथ किसी सीधे विवाद की बात वे नहीं मानते। इसी कारण हत्या के पीछे की वजह और भी रहस्यमय बन गई है। परिवार का आरोप है कि योगेंद्र यादव के साथ कुछ अन्य लोग भी थे, जिन्होंने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। हालांकि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है।

पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। इसी दौरान पुलिस ने आरोपी योगेंद्र यादव के घर पर दबिश दी, जहां से एक देसी कट्टा बरामद किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक बरामद हथियार को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इसी हथियार का इस्तेमाल घटना में हुआ था या नहीं। फॉरेंसिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।

हालांकि पुलिस को अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता नहीं मिल पाई है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है और आसपास के इलाकों में छानबीन कर रही है। थाने के स्तर पर यह भी कोशिश की जा रही है कि संदिग्धों की लोकेशन और उनके संपर्क सूत्रों का पता लगाकर जल्द गिरफ्तारी की जा सके।

राजेश यादव दो माह पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था

पुलिस के अनुसार मृतक राजेश यादव का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। उसके खिलाफ बिहिया, जगदीशपुर और बड़हरा थाना क्षेत्रों में आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास समेत आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार वह लगभग दो माह पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था। ऐसे में पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह हत्या किसी पुराने केस, पुरानी दुश्मनी, बदले की कार्रवाई या किसी आपराधिक टकराव का परिणाम तो नहीं है। हालांकि परिजनों का दावा है कि घटना के पीछे क्या वजह है, यह उन्हें भी स्पष्ट नहीं है।

घटना के बाद राजेश यादव के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जाता है कि वह अपने दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। उसके परिवार में मां फुलझारो देवी, पत्नी सीमा देवी और एक छोटा पुत्र आरुष है। जैसे ही मौत की सूचना घर पहुंची, घर में कोहराम मच गया। मां फुलझारो देवी का रो-रोकर बुरा हाल है और पत्नी सीमा देवी भी सदमे में हैं। परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार भी गहरे दुख में डूबे हुए हैं। गांव के लोग घर पहुंचकर सांत्वना देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन माहौल बेहद गमगीन है।

रविवार की दिन-दहाड़े अचानक गोलियों की आवाज

दिन के उजाले में इस तरह खुलेआम गोली मारकर हत्या की घटना से गांव और आस-पास के इलाकों में सनसनी फैल गई है। कई लोगों ने बताया कि रविवार की दिन-दहाड़े अचानक गोलियों की आवाज सुनकर लोग घबरा गए थे और किसी को समझ नहीं आया कि आखिर क्या हो रहा है। कुछ ही देर में खबर फैल गई कि एक युवक को घेरकर गोली मारी गई है।

फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात के समय आरोपी किस दिशा में भागे, क्या किसी ने घटना से पहले मृतक की रेकी की थी। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि मृतक जिस रास्ते से लौट रहा था, वहां पहले से घेराबंदी कैसे की गई और हमलावरों को उसकी गतिविधियों की जानकारी कैसे मिली। पुलिस की आगे की जांच, बरामद हथियार की पुष्टि, और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या की असली वजह और पूरी साजिश का खुलासा हो पाएगा।

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