Shahpur Graveyard: शाहपुर नगर के वार्ड-01 स्थित शिवनारायणी मत कब्रिस्तान में शव दफनाने से रोकने का आरोप; डायल-112 की टीम की सराहनीय पहल, पूरी हुई अंतिम संस्कार की प्रक्रिया
- हाइलाइट: Shahpur Graveyard
- शाहपुर नगर पंचायत के वार्ड-01 स्थित शिवनारायणी मत कब्रिस्तान का मामला।
- गोपाल राम ने जमीन को अपने पूर्वजों के नाम खतियान में दर्ज होने का दावा किया।
- समाज के लोगों ने जमीन को सामुदायिक कब्रिस्तान बताया। यहां सैकड़ों शव है दफन।
आरा/शाहपुर। जिले के शाहपुर नगर पंचायत के वार्ड-01 स्थित शिवनारायणी मत कब्रिस्तान में शव दफनाने को लेकर विवाद सामने आया। वार्ड-04 निवासी राजेश्वर राम, पिता स्वर्गीय बजरंगी राम, के निधन के बाद उनके शव को कब्रिस्तान में दफनाने के दौरान जमीन के स्वामित्व को लेकर आपत्ति जताई गई। इसके बाद मौके पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोपाल राम, पिता स्वर्गीय सुखदेव राम, ने दावा किया कि कब्रिस्तान की जमीन उनके पूर्वजों के नाम खतियान में दर्ज है। इसी आधार पर उन्होंने जमीन को अपनी बताते हुए राजेश्वर राम का शव दफनाने पर आपत्ति जताई और प्रक्रिया रोकने का प्रयास किया।
Shahpur Graveyard: स्थानीय लोगों ने जमीन को बताया सामुदायिक कब्रिस्तान
मौके पर मौजूद महादलित समाज के लोगों ने गोपाल राम को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद का तत्काल समाधान नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवनारायणी मत भले ही गोपाल राम के पूर्वज रहे हों, लेकिन उन्होंने यह जमीन समाज को सौंप दी थी। इसके बाद से इस स्थान पर सैकड़ों शवों को दफनाया जा चुका है।
महादलित समाज के लोगों ने कहा कि उनके पूर्वजों के शव भी इसी कब्रिस्तान में दफन हैं और इस स्थान से उनकी भावनाएं जुड़ी हुई हैं। स्थानीय लोगों ने गोपाल राम द्वारा जमीन को निजी संपत्ति बताए जाने पर आपत्ति जताई।
पहले भी हो चुका है विवाद:
महादलित समुदाय के लोगों द्वारा बताया गया है कि कब्रिस्तान की जमीन को लेकर 1980 के दशक में भी विवाद हो चुका है। उस समय आरा के अनुमंडल दंडाधिकारी की ओर से विवाद पर रोक लगाई गई थी। वहीं, शाहपुर नगर पंचायत की ओर से कब्रिस्तान की घेराबंदी को लेकर 23/01/2009 में प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है।
डायल-112 की टीम का सराहनीय पहल, दफनाया गया शव
विवाद की सूचना के बाद डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची, लोगों ने पूरी बात बतलाई। डायल-112 टीम की सराहनीय पहल के बाद महादलित समाज के लोगों ने राजेश्वर राम के शव को कब्रिस्तान में दफनाया। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है।








