Bihar Cabinet पटना: बिहार कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में कुल 13 एजेंडों पर सरकार की तरफ से मुहर लगाई गई, जिसमें स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग और कृषि क्षेत्र से जुड़े कई लोक-कल्याणकारी प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार ने जहां एक तरफ गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए मुफ्त इलाज के दायरे को बढ़ाया है। वहीं, दूसरी तरफ युवाओं को रोजगार के नए अवसर देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। साथ ही दरभंगा एम्स और औद्योगिक निवेश को लेकर भी बड़े फैसले किए गए हैं।
Bihar Cabinet: अब 4 लाख आय वाले मरीजों को भी मिलेगा अनुदान
कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर एक बेहद संवेदनशील और बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से राज्य के मरीजों को इलाज के लिए मिलने वाले अनुदान के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। इलाज के लिए पूर्व से निर्धारित वार्षिक आय सीमा, जो पहले 2,50,000 रुपये थी, उसे अब बढ़ाकर सीधे 4,00,000 रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से अब राज्य के लाखों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सरकारी सहायता मिल सकेगी।
रोजगार और कौशल विकास के लिए नए पद: युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत ‘सात निश्चय-3’ के तहत तय किए गए दुगुना रोजगार के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिहार सरकार ने नई पहल की है। बिहार कौशल विकास मिशन के आवश्यकताओं के तहत रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जाएगा। उत्पादकता कार्यक्रम के कारण प्रभावित होने वाले कार्यों को देखते हुए, पूर्व स्वीकृत पदों के अतिरिक्त 19 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसके लिए सरकार सालाना 2 करोड़ 24 लाख 37 हजार रुपये की राशि खर्च करेगी।
सम्राट कैबिनेट की बैठक में लिए गए बड़े फैसले
- दरभंगा एम्स का विकास: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के लिए चयनित भूखंड पर, निकटवर्ती नदियों की उड़ाही (गाद निकालने) से प्राप्त मिट्टी का उपयोग कर मिट्टी भराई और समतलीकरण का कार्य किया जाएगा। इसके लिए जल संसाधन विभाग को प्राधिकृत कर राशि उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।
- मधुबनी में औद्योगिक निवेश: औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 8,325 लाख रुपये के निजी पूंजी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
- भोजपुर में एक्वा पार्क: मत्स्य विभाग की पहल पर राज्य के भोजपुर जिले में ‘इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क’ की स्थापना के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है।
- बाल विकास नियमावली: सरकार ने बिहार बाल विकास सेवा भर्ती सेवा नियमावली 2026 को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है।
उद्योग, डेयरी और आईटी सूचना केंद्रों पर फोकस: उद्योग विभाग के अंतर्गत संचालित ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना’ के अधिक विस्तार को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसके अलावा, राज्य के प्रमंडलीय कार्यालयों और जिला स्तरीय कार्यालयों में आधुनिक आईटी सूचना केंद्र (IT Information Centers) बनाए जाएंगे, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों को बढ़ावा देने के लिए कैमूर जिले में एक नया दूध उत्पादन संयंत्र (डेयरी प्लांट) लगाए जाने के प्रस्ताव को भी वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

