JDU office Patna: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेटे निशांत को ‘फांकीबाजी’ करते पकड़ लिया। दरअसल, अचानक से नीतीश कुमार पटना स्थित जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश कार्यालय पहुंच गए। उनके औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया। कार्यालय में नियमित रूप से होने वाली जनसुनवाई के लिए ड्यूटी पर तैनात नेता और मंत्री नदारद थे, जिसे देखकर पूर्व सीएम बेहद हैरान रह गए। खाली कुर्सियां देख उन्होंने बिना देर किए खुद मोर्चा संभाला। जनता के सामने खुद जनसुनवाई के सूत्रधार बन गए।
JDU office Patna : औचक निरीक्षण में खाली मिलीं कुर्सियां
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब अचानक जदयू के प्रदेश कार्यालय पहुंचे, तो वहां का नजारा बेहद चौंकाने वाला था। आम जनता की समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए पार्टी दफ्तर में हर दिन जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है। 3 जून के तय कार्यक्रम के मुताबिक फरियादियों की बात सुनने की जिम्मेदारी मंत्रियों और नेताओं पर थी, लेकिन नीतीश कुमार के पहुंचते ही वहां कुर्सियां खाली दिखाई दीं। मंत्रियों की इस अनुपस्थिति ने पार्टी के भीतर अनुशासन पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।
ड्यूटी से गायब दिखे निशांत और मंत्री: जनसुनवाई कार्यक्रम के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के साथ-साथ नीतीश कैबिनेट के मंत्री दामोदर रावत और रत्नेश सदा की आधिकारिक ड्यूटी लगाई गई थी। यह एक नियमित प्रक्रिया थी जिसके तहत दूर-दराज से लोग अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे थे। पार्टी पदाधिकारियों और मंत्रियों के समय पर न पहुंचने के कारण फरियादी इंतजार कर रहे थे। तभी अचानक पहुंचे नीतीश कुमार ने इस स्थिति को देखा और खुद सीधे कर्पूरी सभागार की ओर बढ़ गए।
JDU ऑफिस में नीतीश ने की जनसुनवाई
- मंत्रियों के गायब होने पर नीतीश कुमार खुद जनसुनवाई की कुर्सी पर बैठ गए और कमान अपने हाथों में ले ली।
- पूर्व मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर दफ्तर में मौजूद फरियादी उत्साहित हो गए और एक-एक कर अपनी समस्याएं उनके सामने रखी।
- नीतीश कुमार ने लोगों की शिकायतों को बेहद ध्यानपूर्वक सुना और मौके से ही संबंधित अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए।
- नीतीश कुमार के इस औचक निरीक्षण को पार्टी के भीतर एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नीतीश के सुपर ऐक्टिव होने से मची खलबली: नीतीश कुमार के सुपर ऐक्टिव होने और मंत्रियों के गायब होने की खबर राजनीतिक हलकों में जंगल की आग की तरह फैल गई। राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी। जेडीयू के मंत्री और सीनियर नेता अनुशासन को मेनटेन करने की बातें करने लगे।

