Shahpur Nagar Panchayat: शाहपुर नगर के किसी भी निर्माण स्थल पर प्राक्कलन राशि का बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे कार्य की लागत और संबंधित विवरण आम जनता से छिपा हुआ है।
- हाइलाइट: Shahpur Nagar Panchayat
- शाहपुर नगर पंचायत में निर्माण कार्यों पर पारदर्शिता का संकट
- विकास कार्यों का प्राक्कलन बोर्ड नदारद, उठ रहे गंभीर सवाल
आरा। शाहपुर नगर पंचायत क्षेत्र में इन दिनों सड़क और नाली निर्माण के कार्य तीव्र गति से जारी हैं। कई वार्डों में सड़कें बनकर तैयार भी हो चुकी हैं, वहीं नालियों व सड़कों का निर्माण भी प्रगति पर है। हालांकि, इन विकास परियोजनाओं के बीच एक गंभीर अनियमितता सामने आई है, जिसने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता पर गहरे प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। किसी भी निर्माण स्थल पर प्राक्कलन राशि का अनिवार्य बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे कार्य की लागत और संबंधित विवरण आम जनता से छिपा हुआ है।
यह स्थिति नगर पंचायत की कार्यशैली में पारदर्शिता की कमी को उजागर करती है और आम जनता के मन में अनेक संदेह उत्पन्न करती है। लोग अब यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर बिना प्राक्कलन बोर्ड के ये निर्माण कार्य क्यों किए जा रहे हैं और किसके संरक्षण में यह गंभीर अनियमितता का खेल चल रहा है। किसी भी सार्वजनिक निर्माण परियोजना में प्राक्कलन बोर्ड लगाना एक वैधानिक आवश्यकता है, जिसका उद्देश्य जनता को परियोजना की लागत, स्वीकृत राशि, कार्य शुरू होने व खत्म होने की तिथि, ठेकेदार का नाम और संबंधित अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण विवरणों से अवगत कराना होता है। इस अनिवार्यता की अनदेखी सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितताओं और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।
इस गंभीर अनियमितता को लेकर कई सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित नगर के कई जागरूक नागरिकों और बुद्धिजीवियों ने तीखे सवाल उठाए हैं। जानकारों का स्पष्ट मत है कि किसी भी निर्माण कार्य से पूर्व प्राक्कलन राशि का बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है, ताकि जनता को यह ज्ञात हो सके कि किस योजना के तहत कितना धन व्यय किया जा रहा है। इसके बावजूद, नगर पंचायत के विभिन्न इलाकों में इस महत्वपूर्ण बोर्ड का न होना गंभीर संदेह पैदा करता है।
कई स्थानों पर बिना समुचित सोलिंग के ही सड़क निर्माण कर दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप ऐसी सड़कें दो महीने भी ठीक से नहीं टिक पातीं और अपनी गुणवत्ता खो देती हैं। वहीं, कुछ अच्छी हालत वाली पीसीसी (प्लेन सीमेंट कंक्रीट) सड़कों पर भी अनावश्यक रूप से दोबारा ढलाई का कार्य किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं, जो धन के दुरुपयोग का स्पष्ट संकेत है। खबरे आपकी टीम ने नगर के सभी वार्डों में पहुंचकर हरेक वार्ड में हुई अनियमितता की पूरी जानकारी कवर की है, जिसे जल्द ही प्रकाशित किया जाएगा।
इस पूरे मामले पर नगर के पूर्व उप चेयरमैन ने नगर पंचायत पर सीधा और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि “यहां पहले काम हो जाता है, फिर बाद में प्राक्कलन तैयार किया जाता है और योजना की स्वीकृति के बाद भुगतान किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में अधिकारियों व प्रतिनिधियों की मिलीभगत साफ नज़र आती है। जहां नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से कार्य किए जा रहे हैं।
वहीं, उप चेयरमैन झुनीया देवी ने इस तरह के निर्माण कार्यों को पूरी तरह गैरकानूनी करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बिना प्राक्कलन राशि का बोर्ड लगाए सड़क या नाली का निर्माण करना नियमों का सीधा उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संवेदक (ठेकेदार) और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें किसी भी वार्ड में इस तरह की अनियमितता की सूचना मिलती है, तो तत्काल जांच कराई जाएगी। उन्होंने याद दिलाया कि इस तरह के मामलों में उन्होंने पहले भी कार्रवाई की है। वार्ड संख्या-03 में इसी तरह का एक मामला सामने आया था, जिस पर उन्होंने तुरंत कार्यपालक पदाधिकारी को अवगत कराया था। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


