Homeराजनीतशाहपुर प्रखंड प्रमुख गीता देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज, कुर्सी पर...

शाहपुर प्रखंड प्रमुख गीता देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज, कुर्सी पर बरकरार

Shahpur Block pramukh Post: शाहपुर प्रखंड प्रमुख गीता देवी के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को कोरम के अभाव में खारिज कर दिया गया।

  • हाइलाइट: Shahpur Block pramukh Post
  • कोरम के अभाव में गिरा अविश्वास प्रस्ताव, बच गई प्रमुख की कुर्सी
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बुलाई गई बैठक में नहीं जुटे सदस्य, प्रस्ताव खारिज
  • शाहपुर राजनीति में प्रमुख गीता देवी की बड़ी जीत, विपक्ष को झटका

आरा, भोजपुर। शाहपुर प्रखंड की राजनीति में शनिवार का दिन काफी अहम रहा। प्रखंड प्रमुख गीता देवी के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को कोरम के अभाव में खारिज कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बुलाई गई इस विशेष बैठक में पंचायत समिति सदस्यों की अनिवार्य संख्या नहीं जुट पाई, जिसके चलते प्रस्ताव स्वतः खारिज हो गया। इस फैसले ने गीता देवी की कुर्सी को सुरक्षित रखा और उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

Shahpur Block pramukh Post: कोरम की कमी बनी विपक्ष के लिए बाधा

शाहपुर प्रखंड में कुल 28 पंचायत समिति सदस्य हैं, जिनमें से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए कम से कम 19 सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक थी। हालांकि, बैठक के निर्धारित समय तक प्रमुख गीता देवी को छोड़कर कोई भी सदस्य सदन में उपस्थित नहीं हुआ। इसके चलते कोरम पूरा नहीं हो सका और प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।

जिला प्रशासन ने इस बैठक के लिए उपसमाहर्ता हिना को पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था के लिए थानाध्यक्ष राजेश मालाकार के नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बुलाई गई थी बैठक

यह मामला पिछले 18 महीनों से कानूनी प्रक्रिया में उलझा हुआ था। 10 अक्टूबर 2024 को विपक्ष ने गीता देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें पद से हटा दिया था। इसके बाद गीता देवी ने हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए पुनः अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने का आदेश दिया था। इसी आदेश के तहत प्रशासन द्वारा 30 मई को यह बैठक आयोजित की गई थी।

गीता देवी का बयान: “न्यायालय पर था पूरा भरोसा”

अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद गीता देवी ने इसे न्याय और जनता के विश्वास की जीत बताया। उन्होंने कहा, “मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा था और आज उसी भरोसे का परिणाम मिला है। मैं अपने सभी समर्थकों और जनता का आभार व्यक्त करती हूं। अब मेरा पूरा ध्यान क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने पर होगा।”

गीता देवी ने यह भी कहा कि वे सभी पंचायत समिति सदस्यों के साथ समन्वय स्थापित करेंगी और जनता के हित में काम करेंगी। अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने की खबर के बाद गीता देवी को बधाई देने वालों का तांता लग गया। विधायक राकेश रंजन ओझा, भाजपा नेता भुअर ओझा, पुतुल साह, रामाशंकर सिंह, सुनील साह, चंद्रशेखर ओझा और संतोष पासवान जैसे कई नेताओं ने प्रमुख गीता देवी को उनकी जीत पर शुभकामनाएं दीं।

- Advertisment -
खबरे आपकी : Latest News in Hindi, Breaking News, हिंदी न्यूज़
खबरे आपकी : Latest News in Hindi, Breaking News, हिंदी न्यूज़

Most Popular