Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चर्चित बिलौटी एनकाउंटर के विरोध में एनएच-922 को जाम करने के मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
- हाइलाइट: Bharat Tiwari Encounter
- भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में शव के साथ आक्रोशित ग्रामीणों ने किया था रोड जाम
आरा। जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चर्चित बिलौटी एनकाउंटर के विरोध में एनएच-922 को जाम करने के मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस प्रकरण में शाहपुर थाने में 14 नामजद व्यक्तियों और 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
Bharat Tiwari Encounter: शव के साथ आक्रोशित ग्रामीणों ने किया था फोरलेन जाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाहपुर थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक सचिदानंद यादव द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया है। घटनाक्रम के अनुसार, 18 जून की सुबह मृतक भरत तिवारी का शव पोस्टमार्टम के उपरांत जैसे ही गांव पहुंचा, आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने बिलौटी मोड़ के समीप एनएच-922 पर भारी संख्या में एकत्र होकर फोरलेन को पूरी तरह से जाम कर दिया।
पुलिस का आरोप है कि समझाने-बुझाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर रखकर आवागमन को बाधित किया, जिसके कारण करीब पांच घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भीषण परेशानी का सामना करना पड़ा।
भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न सुसंगत धाराओं में इन पर FIR
पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में बिलौटी पंचायत के मुखिया बलिराम यादव को भी नामजद किया गया है। उनके अतिरिक्त सरोज त्रिपाठी, राकेश यादव, अंजनी तिवारी, गिरधारी तिवारी, हरहर तिवारी, दीपक तिवारी, रवि गुप्ता, अखंडा तिवारी, राहुल तिवारी, गोलू पासवान, विजय सिंह और बिहिया थाना क्षेत्र के दोघरा गांव निवासी मदन यादव को अभियुक्त बनाया गया है। इन 14 नामजद लोगों के अलावा 50-60 अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी इस मामले में आरोपित किया गया है।
पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए इस कृत्य से सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई और यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न सुसंगत धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
न्याय की गुहार लगाने के लिए सड़क पर प्रदर्शन
दूसरी ओर, स्थानीय ग्रामीणों का तर्क है कि उनका विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से भरत तिवारी की मौत की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर था। उनका कहना है कि वे न्याय की गुहार लगाने के लिए सड़क पर उतरे थे।
शाहपुर थाना पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। घटना के दौरान मौके पर मौजूद वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।


