RK Singh Bilauti : शाहपुर में भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर: पूर्व केंद्रीय मंत्री आर. के. सिंह ने निष्पक्ष जांच और एफआईआर वापसी की उठाई बात
- हाइलाइट: RK Singh Bilauti
- मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले में घोषित की गई स्वतंत्र और न्यायिक जांच का स्वागत किया
आरा। जिले के शाहपुर प्रखंड स्थित बिलौटी गांव में 18 जून को हुई पुलिस एनकाउंटर की घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। इस दुखद घटना में मारे गए भारत भूषण तिवारी के परिजनों से मिलने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री आर. के. सिंह पहुंचे। उन्होंने न केवल शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की, बल्कि घटना के विभिन्न पहलुओं पर गंभीर सवाल भी खड़े किए।
घटना के संदर्भ में वायरल हो रहे वीडियो का जिक्र करते हुए आर. के. सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि युवक द्वारा सरेंडर किए जाने के बाद उसे गोली मारी गई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि यह तथ्य सत्य साबित होता है, तो यह एक अत्यंत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कानून के शासन में किसी भी स्थिति में किसी को भी न्याय से वंचित नहीं रखा जा सकता।
RK Singh Bilauti : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा न्यायिक जांच का स्वागत
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले में घोषित की गई स्वतंत्र और न्यायिक जांच का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से ही इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ पाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
इस दौरे के दौरान आर. के. सिंह ने एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। घटना के बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर दर्ज की गई प्राथमिकी को उन्होंने गलत कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार और न्याय की मांग कर रहे लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमों की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दर्ज प्राथमिकी को तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाने की मांग सरकार से करेंगे।
आर. के. सिंह ने अपने सोशल साइट पर लिखा आज हम भरत तिवारी के परिवार से मिले, जिनकी निर्मम हत्या पुलिसकर्मियों द्वारा की गई। हमने परिवार को न्याय का आश्वासन दिया। इस संबंध में डीएम, एसपी व डीएसपी से वार्ता भी की। इस दुखद घड़ी में हम परिवार के साथ खड़े हैं।


