Ara News: आरा की अधिष्ठात्री देवी मां आरण्य देवी के मंदिर में पूजन एवं दर्शन को लेकर शनिवार की अहले सुबह से ही महिला-पुरुष श्रद्धालु भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही।
- हाइलाइट: Ara News@ravi-kumar
- आरा की पावन धरती पर भक्ति का महाकुंभ:
- आरा शहर की अधिष्ठात्री देवी हैं मां आरण्य देवी
- शारदीय नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना
आरा: शारदीय नवरात्र का पावन पर्व अपनी पूरी दिव्यता और भव्यता के साथ आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में, सप्तमी तिथि यानी सातवें दिन शनिवार को संपूर्ण देश के साथ-साथ आरा शहर में भी आस्था का एक अद्भुत ज्वार देखने को मिला। इस विशेष दिन पर आदि शक्ति मां दुर्गा के सप्तम स्वरूप, कल्याणकारी और शत्रुओं का नाश करने वाली मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। सप्तमी के इस पवित्र अवसर पर आरा के कोने-कोने से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे शहर के सभी पूजा पंडाल और देवी मंदिर पूरी तरह भक्तिमय नजर आए।
Ara: नगर की अधिष्ठात्री और आराध्य देवी मां आरण्य देवी
नगर की अधिष्ठात्री और आराध्य देवी मां आरण्य देवी के प्राचीन मंदिर में तो भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। शनिवार की अहले सुबह से ही मंदिर परिसर में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। माता के दर्शन और पूजन की लालसा लिए हजारों की संख्या में भक्तगण मंदिर पहुंचे और मां के दरबार में माथा टेककर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। हर तरफ गूंजते माता के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।
कोलकाता से आए कारीगरों द्वारा आकर्षक सजावट
मां आरण्य देवी के दरबार को इस खास अवसर पर बेहद अलौकिक रूप से सजाया गया था। कोलकाता से आए सुप्रसिद्ध फूल-श्रृंगार के विशेष कारीगरों द्वारा मंदिर की आकर्षक सजावट की गई थी। फूलों की अनूठी खुशबू और भव्य सज्जा के बीच मां का श्रृंगार इतना मनमोहक लग रहा था कि देखने वाले की आंखें टकटकी बांधे रह गईं।
शनिवार की ब्रह्म बेला में ठीक साढ़े चार बजे मां आरण्य देवी की भव्य मंगला आरती का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक पल के साक्षी बनने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। मंगला आरती में मां आरण्य देवी मंदिर विकास ट्रस्ट के सम्मानित पदाधिकारी, सक्रिय सदस्य, मारवाड़ी समाज के गणमान्य लोग और आम जनमानस ने पूरी श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया। मां की कपूर से जगमगाती आरती और घंटियों की गूंज ने उपस्थित सभी भक्तों के मन को शांति और दिव्यता से भर दिया।
मंगला आरती के तुरंत पश्चात भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण
मंगला आरती के तुरंत पश्चात भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। बेसन से निर्मित स्वादिष्ट और पवित्र बुंदिया का प्रसाद पाकर श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना हो गया। इसके साथ ही, इस पावन अवसर पर मंदिर के जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य को गति देने के लिए भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं ने मंदिर निर्माण के लिए दिल खोलकर दान और आर्थिक सहयोग प्रदान किया, जो माता के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और समर्पण का प्रमाण है। मां कालरात्रि की कृपा और मां आरण्य देवी के आशीर्वाद से पूरा नगर शक्ति की आराधना में लीन नजर आया।








