HomeNewsबिहारसीओ पैसे लेकर परिमार्जन और म्यूटेशन का खेल खेल रहे हैं- आर...

सीओ पैसे लेकर परिमार्जन और म्यूटेशन का खेल खेल रहे हैं- आर के सिंह

R. K. Singh: पूर्व केंद्रीय मंत्री और देश के एक कद्दावर नेता आर के सिंह ने आरा में रामकुमार सिंह की हुई निर्मम हत्या के बाद प्रशासनिक मशीनरी की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है।

  • हाइलाइट: R. K. Singh
  • शोकाकुल परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं और उन्हें ढाँढस बँधाया।
  • आर के सिंह बोले: थानेदार व अंचल अधिकारी को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

आरा। भोजपुर जिला मुख्यालय आरा में गुरुवार की सुबह घटी एक सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून के राज पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और देश के एक कद्दावर नेता आर के सिंह ने आरा में क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष एवं पूर्व कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की हुई निर्मम हत्या के बाद प्रशासनिक मशीनरी की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है। यह घटना केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि किस प्रकार भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता मिलकर एक आम नागरिक के जीवन को खतरे में डाल सकती है। इस पूरे प्रकरण की गहराई में जाने पर जो तथ्य सामने आते हैं, वे हैरान करने वाले हैं और यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि आखिर हमारे समाज और शासन व्यवस्था में संवेदनशीलता किस स्तर तक गिर चुकी है।

R. K. Singh: बीस साल पहले खरीदी गई जमीन पर जानबूझकर कराया विवाद

घटना के केंद्र में स्वर्गीय रामकुमार सिंह द्वारा खरीदी गई एक जमीन का विवाद है। आर के सिंह ने इस मामले की परतें खोलते हुए बताया कि यह जमीन करीब पंद्रह से बीस साल पहले यानी 2006 के आसपास खरीदी गई थी। इस संपत्ति का दाखिल-खारिज यानी म्यूटेशन पूरी तरह से स्वर्गीय रामकुमार सिंह के नाम पर था और उन्होंने इस पर अपनी कानूनी बाउंड्री वॉल भी करवा रखी थी। इसके बावजूद, भ्रष्टाचार के दलदल में धंसे अंचल अधिकारी ने कथित तौर पर रिश्वत लेकर उस व्यक्ति के नाम परिमार्जन कर दिया जिसका उस जमीन पर दूर-दूर तक कोई कानूनी हक या लोक स्टैंडी नहीं बनता था।

रिश्वत लेकर वैध संपत्ति को अवैध करने का खेल

भ्रष्टाचार का यह खेल यहीं नहीं रुका। इसके बाद स्थानीय थाने के प्रभारी और पुलिस प्रशासन की कथित मिलीभगत सामने आती है। जिन गुंडों और अपराधियों ने दिनदहाड़े रामकुमार सिंह की बाउंड्री वॉल को तोड़ा, उन्हीं तत्वों के नाम अब इस हत्या में प्रमुखता से आ रहे हैं। आर के सिंह ने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया है कि अंचल अधिकारी को केवल रिश्वतखोरी के आरोप में ही नहीं, बल्कि इस हत्या के षड्यंत्र और उसके अभियोजन के आरोप में भी तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। एक प्रशासनिक अधिकारी में इतनी हिम्मत कैसे आ सकती है कि वह खुलेआम रिश्वत लेकर किसी की वैध संपत्ति को अवैध रूप से दूसरों के नाम कर दे?

राजस्व मंत्री से सीधा सवाल

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा सवालिया निशान लगाया है। उनका यह बयान अत्यंत चिंताजनक है कि आरा के इस अंचल अधिकारी के अलावा भी कई अन्य अंचल अधिकारी इसी तरह पैसे लेकर परिमार्जन और म्यूटेशन का खेल खेल रहे हैं। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि शायद ही कोई ऐसा अंचल अधिकारी बचा हो जो रिश्वत न लेता हो। यदि कोई ऐसा ईमानदार अधिकारी है, तो उसका नाम सामने लाया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के राजस्व मंत्री से यह सीधा सवाल किया है कि उनके विभाग में यह व्यापक भ्रष्टाचार क्यों पनप रहा है। क्या अधिकारियों की पोस्टिंग पैसों के लेनदेन के आधार पर होती है, जो वे कुर्सी पर बैठते ही जनता को लूटने और इस तरह के अवैध कार्यों को अंजाम देने लगते हैं?

आर के सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस मामले में अंचल अधिकारी का तुरंत सस्पेंड होना और उसकी गिरफ्तारी अनिवार्य है। यदि प्रशासन ने इस पर त्वरित और सख्त कार्रवाई नहीं की, तो जनता सड़कों पर उतरेगी और एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने केवल एक मामले का जिक्र नहीं किया, बल्कि एक अन्य जमीन का भी खुलासा किया जो स्वर्गीय रामकुमार सिंह को उनकी ससुराल से दो भाइयों के बीच की 17 कट्ठा जमीन के हिस्से के रूप में मिली थी। उदवंतनगर के अंचल अधिकारी ने भी पैसों के लालच में आकर पंद्रह-बीस साल पुराने वैध म्यूटेशन को दरकिनार करते हुए बिना किसी ठोस आधार के वह जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर कर दी। इस अंचल अधिकारी पर भी तुरंत मुकदमा दर्ज होना चाहिए और उसे भी निलंबित किया जाना चाहिए।

15 दिन बाद व्यापक आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा:

पुलिस प्रशासन की भूमिका पर बात करते हुए आर के सिंह ने कहा कि केवल थानेदार का निलंबन पर्याप्त नहीं है। उस थाना प्रभारी को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए क्योंकि उसकी संलिप्तता हत्यारों के साथ थी और उसने इस साजिश में अपनी भूमिका निभाई थी। उन्होंने जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली पर भी कड़े सवाल उठाए हैं। रामकुमार सिंह और उनके परिवार के लोग लगातार जिला प्रशासन को इस बात की शिकायत कर रहे थे कि अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी मिलकर जमीन के कागजों में गड़बड़ी कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

यदि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने समय रहते उचित कदम उठाए होते, तो शायद आज एक बेकसूर नागरिक की जान न जाती। आर के सिंह ने घोषणा की है कि वे इस मामले में जिला प्रशासन से जवाब तलब करेंगे और यदि पंद्रह दिनों के भीतर इस दिशा में कोई कारगर और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता के साथ मिलकर एक व्यापक आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा।

कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है: आर के सिंह

आरा की यह घटना अकेली नहीं है। पिछले कुछ ही दिनों में जिले के भीतर गोलीबारी और हत्याओं की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो यह दर्शाती हैं कि अपराधियों के मन से कानून का डर पूरी तरह समाप्त हो चुका है। दिनदहाड़े किसी व्यक्ति के घर के सामने उसे आठ-आठ गोलियां मार देना और जिले में लगातार इस तरह की वारदातों का होना इस बात का प्रमाण है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें प्रशासन का कोई खौफ नहीं रहा है।

यह समय प्रशासनिक मशीनरी के आत्मविश्लेषण का है। यदि पुलिस और प्रशासन अपनी नींद से नहीं जागे और सतर्क होकर कार्य करना शुरू नहीं किया, तो जनता का शासन और न्याय व्यवस्था से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा। दिनदहाड़े होने वाली हत्याओं और इस तरह के बेलगाम भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, चाहे वे कितने भी रसूखदार क्यों न हों। यदि लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो जनता का आक्रोश सड़कों पर फूटेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

Khabre Apki
Khabre Apki
Khabre Apki covers all Breaking News in Hindi

Most Popular