Arun Yadav Bilauti – पूर्व विधायक ने स्थानीय पुलिस, एसपी और जिला प्रशासन को इस मामले में निर्दोष बताते हुए कहा कि यदि स्थानीय पुलिस को कोई कार्रवाई करनी होती, तो वे बहुत पहले ही ऐसा कर चुके होते।
- हाइलाइट: Arun Yadav Bilauti
- पटना से आए विशेष दल ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप इस घटना को अंजाम दिया: अरुण यादव
आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड अंतर्गत बिलौटी गांव में 18 जून 2026 को भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी मुठभेड़ कि घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का वातावरण उत्पन्न कर दिया है। संदेश के पूर्व विधायक अरुण यादव ने बिलौटी गांव पहुंचकर दिवंगत भरत भूषण तिवारी के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और घटना की निष्पक्ष जांच, उनके भाई को नौकरी व उचित मुआवजे की पुरजोर मांग की है।
Arun Yadav Bilauti : उनकी स्मृति में गांव में एक स्मारक का निर्माण
पूर्व विधायक अरुण यादव ने बिलौटी गांव में शोकाकुल परिजनों से भेंट की और उन्हें सांत्वना दी। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भरत भूषण तिवारी एक वीर पुरुष थे और उनकी असामयिक मृत्यु एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने भरत भूषण तिवारी को एक निडर व्यक्ति बताते हुए कहा कि वे सदैव समाज के गरीब और दबे-कुचले लोगों के हक के लिए आवाज उठाते थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि भरत भूषण तिवारी मरे नहीं हैं, बल्कि उन्होंने शहादत दी है। अरुण यादव ने प्रशासन और सरकार से मांग की कि उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाए और उनकी स्मृति में गांव में एक स्मारक का निर्माण कराया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके संघर्षों से प्रेरणा ले सकें।
अपनी मांगों को दोहराते हुए पूर्व विधायक ने पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने सरकार से मांग की कि दिवंगत भरत भूषण तिवारी के परिवार को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही, उनके भाई को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए ताकि परिवार को आर्थिक संबल मिल सके और वे अपने जीवन का निर्वाह सम्मानपूर्वक कर सकें।
यह घटना लोकल पुलिस की कार्यशैली का परिणाम नहीं
घटना के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए अरुण यादव ने एक गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई एक फर्जी मुठभेड़ की तरह प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि यह घटना स्थानीय प्रशासन या भोजपुर पुलिस की कार्यशैली का परिणाम नहीं है। उनके अनुसार, पटना से आए विशेष दल ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप इस घटना को अंजाम दिया है।
ऊपरी आदेशों के पालन में इस घटना को अंजाम
पूर्व विधायक ने स्थानीय पुलिस, एसपी और जिला प्रशासन को इस मामले में निर्दोष बताते हुए कहा कि यदि स्थानीय पुलिस को कोई कार्रवाई करनी होती, तो वे बहुत पहले ही ऐसा कर चुके होते। उन्होंने उल्लेख किया कि स्थानीय पुलिस पिछले दो दिनों से लगातार निगरानी कर रही थी, लेकिन कोई कठोर कदम नहीं उठाया गया। उनके अनुसार, यह स्पष्ट है कि ऊपरी आदेशों के पालन में ही इस घटना को अंजाम दिया गया है।
अरुण यादव ने इस घटना को लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ इस प्रकार का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि जिस प्रकार से यह घटनाक्रम घटा है, वह सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर उचित कानूनी कार्यवाही की जा सके।


