Bihar politics: नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा इन तीन प्रमुख चेहरों के अतिरिक्त, भाजपा के प्रदेश महामंत्री शिवेश कुमार राम और जदयू के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर ने भी अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
- हाइलाइट: Bihar politics
- राज्यसभा चुनाव के लिए तीन राष्ट्रीय अध्यक्षों ने एक साथ किया नामांकन
- बिहार और देश की राजनीति में आने वाले समय में बड़े बदलावों का संकेत
Bihar politics: बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को राज्यसभा चुनाव 2026 के नामांकन के दौरान एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। बिहार विधानसभा का परिसर न केवल राजनीतिक सरगर्मी का केंद्र रहा, बल्कि यहां एक अनोखा रिकॉर्ड भी बना। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की एकजुटता का परिचय देते हुए गठबंधन की तीन प्रमुख पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने एक साथ राज्यसभा के लिए अपना पर्चा दाखिल किया।
इस नामांकन प्रक्रिया में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा शामिल रहे। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की विशेष उपस्थिति ने इस कार्यक्रम के राजनीतिक महत्व को और अधिक बढ़ा दिया। नामांकन विधानसभा सचिव ख्याति सिंह के कक्ष में संपन्न हुआ, जहाँ बिहार के दोनों उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विजय सिन्हा सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और नेता उपस्थित थे।
Bihar politics: राजनीतिक सफर का नया अध्याय
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के लिए यह एक बड़ा बदलाव है। पटना की बांकीपुर सीट से पांच बार विधायक और बिहार सरकार में मंत्री रह चुके नितिन नवीन ने इसी वर्ष जेपी नड्डा के स्थान पर भाजपा के शीर्ष पद की जिम्मेदारी संभाली है। अब वह अपनी विधायकी छोड़कर संसद के उच्च सदन के माध्यम से केंद्रीय राजनीति में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
एक युग के अंत और नए अध्याय की शुरुआत
वहीं, बिहार की राजनीति के धुरी रहे नीतीश कुमार के लिए यह नामांकन एक युग के अंत और नए अध्याय की शुरुआत जैसा है। लगभग दो दशकों तक बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा देने के बाद, नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में कदम रख रहे हैं। उनके इस निर्णय की सुगबुगाहट कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में थी, जिस पर उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से विराम लगाया। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के साथ ही बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है, और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच इस बात की प्रबल संभावना जताई जा रही है कि राज्य को पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री मिल सकता है।
अनुभव और गठबंधन की शक्ति
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा भी इस चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बने। बिहार में कोइरी समाज के प्रमुख नेता के रूप में पहचाने जाने वाले कुशवाहा पूर्व में भी संसद के दोनों सदनों और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा रह चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा के सहयोग से वह उच्च सदन पहुंचे थे और अब पुनः उसी विश्वास के साथ अपनी नई पारी की तैयारी में हैं।
इन तीन प्रमुख चेहरों के अतिरिक्त, भाजपा के प्रदेश महामंत्री शिवेश कुमार राम और जदयू के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर ने भी अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। रामनाथ ठाकुर को पार्टी ने दोबारा सदन भेजने का निर्णय लिया है। पटना में हुए इस नामांकन ने नीतीश कुमार का केंद्र की ओर रुख करना और नितिन नवीन का केंद्रीय नेतृत्व संभालना बिहार और देश की राजनीति में आने वाले समय में बड़े बदलावों का संकेत है।


