Bihar Rajya Sabha Elections: बिहार राज्यसभा चुनाव: मतदान से पूर्व पटना में बढ़ी सियासी तपिश, रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे राजनीतिक दल
- हाइलाइट: Bihar Rajya Sabha Elections
- पटना में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही खेमों में भारी हलचल देखी जा रही है
पटना। बिहार में राज्यसभा की खाली सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने राज्य के राजनीतिक तापमान को चरम पर पहुँचा दिया है। मतदान से ठीक एक दिन पहले राजधानी पटना में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही खेमों में भारी हलचल देखी जा रही है। दोनों गठबंधन अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और चुनावी गणित को अपने पक्ष में करने के लिए सघन बैठकों का दौर चला रहे हैं।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में बैठकों का दौर
रविवार की सुबह से ही एनडीए खेमे में सक्रियता काफी बढ़ गई। सबसे पहले जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर एनडीए के शीर्ष नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में मुख्य रूप से राज्यसभा चुनाव के समीकरणों और विधायकों के मतों के प्रबंधन पर गहन मंथन किया गया। इसके तुरंत बाद, मंत्री लेसी सिंह के सरकारी आवास पर जदयू विधायकों की एक और बड़ी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों और विधायकों की उपस्थिति में चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
भाजपा की रणनीति और एनडीए की संयुक्त योजना
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने भी अपनी तैयारी पुख्ता कर ली है। स्टेट गेस्ट हाउस में भाजपा के दिग्गज नेताओं और विधायकों की अलग से बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कल होने वाले मतदान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और पार्टी की एकजुटता पर बल दिया गया। जानकारी के अनुसार, एनडीए की अंतिम और निर्णायक रणनीति आज शाम को मंत्री विजय चौधरी के आवास पर तय की जाएगी। इस बैठक में सभी घटक दलों के नेता शामिल होंगे और मतदान प्रक्रिया को लेकर फाइनल ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार किया जाएगा।
महागठबंधन की घेराबंदी और एआईएमआईएम का रुख
विपक्ष भी इस चुनावी मुकाबले में पूरी मजबूती के साथ उतरने की तैयारी में है। महागठबंधन ने अपनी रणनीति साझा करने के लिए पटना के होटल पनाश में एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि इसमें शामिल होने के लिए एआईएमआईएम (AIMIM) के विधायक के भी पहुचने की सूचना हैं, जिससे सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। राजद के प्रधान महासचिव रणविजय साहू की मौजूदगी में हो रही इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विपक्ष के मतों को एकजुट करना और सत्ता पक्ष को कड़ी चुनौती देना है।
कल होने वाले मतदान को लेकर जिस प्रकार की मोर्चाबंदी पटना में दिखाई दे रही है, उससे स्पष्ट है कि राज्यसभा की यह जंग महज अंकों का खेल नहीं, बल्कि दोनों गठबंधनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है। अब सबकी नजरें कल होने वाले मतदान और उसके बाद आने वाले परिणामों पर टिकी हैं।


