Janmashtami Celebrations: बिहिया के डाक बंगला चौराहा स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में आयोजित जन्माष्टमी उत्सव, देर रात तक भक्ति संगीत की गूंज और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखी गई।
- हाइलाइट: Janmashtami Celebrations
- जैसे ही घड़ी की सुइयों ने रात के 12 बजाए, पूरा मंदिर परिसर जय श्रीकृष्ण के उद्घोष से गूंज उठा।
आरा। भोजपुर जिले के बिहिया नगर पंचायत स्थित डाक बंगला चौराहा पर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में शुक्रवार की रात श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत भव्यता और उत्साह के साथ मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य उत्सव को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में विशेष उमंग देखी गई।
जैसे ही घड़ी की सुइयों ने रात के 12 बजाए, पूरा मंदिर परिसर जय श्रीकृष्ण के उद्घोष से गूंज उठा। भगवान के जन्म के साथ ही भक्तों ने एक-दूसरे को जन्माष्टमी की बधाई दी और भक्ति गीतों की धुन पर झूम उठे। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में आतिशबाजी का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण उत्सव के रंग में सराबोर नजर आया।
जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में मटका फोड़ प्रतियोगिता आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। इसमें स्थानीय श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वहीं, रात भर चले जागरण कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से समां बांधे रखा। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भक्ति संगीत और भजनों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
Janmashtami Celebrations : भगवान श्रीकृष्ण और राधा की मनमोहक झांकी
इस आयोजन की शोभा तब और बढ़ गई जब भगवान श्रीकृष्ण और राधा की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई। भगवान गणेश के साथ राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कलाकारों ने बांसुरी की मधुर धुन पर राधा-कृष्ण के स्वरूप में नृत्य की प्रस्तुति दी, जिसे देखकर भक्त भाव-विभोर हो गए। मंदिर में उपस्थित लोग तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे।
सायंकाल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। महिलाओं, बच्चों और युवाओं की भारी उपस्थिति ने इस आयोजन को एक जन-उत्सव का रूप दे दिया। मंदिर परिसर को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ था।
इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने में मंदिर समिति के सदस्यों और स्थानीय निवासियों का योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम के सफल संचालन में अध्यक्ष बसंत यादव, कोषाध्यक्ष बागी गोविंद यादव, सचिव नीरज यादव और मुन्ना यादव ने मुख्य भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त संयोजक सोनू महाकाल, लड्डू यादव, मनु महाराज, प्रशांत यादव, रोहित यादव, अंकित यादव, आकाश यादव, रितिक रोशन, तेज प्रताप यादव, लखन सिंह, धीराज यादव, दीपक यादव और अभिनंदन कुमार सहित अन्य सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।







