Bulldozer action in Shahpur: सीओ आनंद प्रकाश का कहना है कि इन सभी परिवारों को नई जगह पर आवास निर्माण हेतु पर्चा निर्गत किया जा चुका है।
- हाइलाइट: Bulldozer action in Shahpur
- शाहपुर नगर के वार्ड -01 में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
- टेंट और लाल झंडे लगाकर विरोध, कहा बरसात तक उन्हें वहां से न हटाया जाए
आरा। जिले के शाहपुर नगर पंचायत के वार्ड नंबर एक स्थित हीरो एजेंसी के समीप शनिवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब अंचलाधिकारी आनंद प्रकाश भारी पुलिस बल के साथ सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंचे। यह कार्रवाई उच्च न्यायालय और बिहार सरकार के सचिव द्वारा प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में की गई। उक्त भूमि पर पिछले कई दशकों से रह रहे भूमिहीन परिवारों ने प्रशासन के इस कदम का कड़ा विरोध किया।
विदित हो कि मौके पर उपस्थित नौ गरीब परिवारों का कहना है कि वे पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से इस भूमि पर अपना आशियाना बनाकर रह रहे हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारी परिवारों ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए वहां टेंट और लाल झंडे लगाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि सीओ आनंद प्रकाश का कहना है कि इन सभी परिवारों को नई जगह पर आवास निर्माण हेतु पर्चा निर्गत किया जा चुका है। इन परिवारों का तर्क है कि जब तक उन्हें बिलौटी में आवंटित की गई भूमि पर रहने योग्य आवास का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक उन्हें वहां से न हटाया जाए।
सभी प्रभावित परिवारों ने अंचलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर पुनः अपने पक्ष में उचित निर्णय लेने की मांग की। इस विवादित मामले में अतिक्रमणकारियों का पक्ष रखते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता उत्तम प्रसाद ने भी अंचलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने आग्रह किया कि वैकल्पिक व्यवस्था पूर्ण होने तक परिवारों को कुछ समय की मोहलत दी जानी चाहिए। साथ ही, प्रभावित परिवारों ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने इस संबंध में उच्च न्यायालय में अपील दायर की है, हालांकि वर्तमान में न्यायालय की ओर से कोई स्थगन आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
अंचलाधिकारी आनंद प्रकाश ने स्पष्ट किया कि उन्हें उच्च स्तर से प्राप्त निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जब तक जिलाधिकारी या सचिव स्तर से कोई नया आदेश प्राप्त नहीं होता, तब तक वे कार्रवाई रोकने में असमर्थ हैं। इस गतिरोध के कारण कार्यालय परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी देखा गया। अंततः अंचलाधिकारी द्वारा इन परिवारों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।

