Shahpur Nagar Panchayat Area: पूर्व उपाध्यक्ष गुप्तेश्वर साह ने कहा की विकास कार्यों में तेजी आना नगर क्षेत्र के लिए सुखद संकेत हो सकता है, बशर्ते वह नियमसंगत और गुणवत्तापूर्ण हो।
- हाइलाइट: Shahpur Nagar Panchayat Area
- नगर क्षेत्र में नये कार्यों की बाढ़: नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक चुनौती
- निर्माण कार्यों में पेशेवर संवेदकों की तुलना में रसूखदार व्यक्तियों का हस्तक्षेप
- बिना किसी ठोस निगरानी के सड़कों और नालों की ढालाई, स्थायित्व पर संकट
- अनुभवहीन हाथों में निर्माण कार्यों की कमान,सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका
पटना। नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा 25 फरवरी 2026 को जारी किए गए नवीन आदेश के बाद भोजपुर जिला के शाहपुर नगर पंचायत में निर्माण गतिविधियों में अप्रत्याशित तेजी देखी जा रही है। विभागीय निर्देशों के बाद क्षेत्र में भू-आधारित विकास कार्यों, विशेषकर पीसीसी सड़क और आरसीसी नाला निर्माण की जैसे बाढ़ सी आ गई है। विकास की इस दौड़ में तकनीकी मानकों और स्थापित प्रक्रियाओं की अनदेखी ने अब गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वर्तमान में नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में युद्धस्तर पर निर्माण कार्य संचालित हैं। स्थिति यह है कि योजना चयन और क्रियान्वयन की सुव्यवस्थित प्रक्रिया के बजाय ‘त्वरित निर्माण’ पर अधिक जोर दिया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय है कि इन कार्यों में पेशेवर संवेदकों की तुलना में रसूखदार व्यक्तियों का हस्तक्षेप बढ़ गया है। पार्षदों के करीबियों से लेकर नगर पंचायत के कतिपय कर्मियों तक ने निर्माण कार्यों में संवेदक के रूप में सक्रियता बढ़ा दी है, जिससे कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
Shahpur Nagar Panchayat Area: विभागीय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन
नए विभागीय आदेश व नियमों के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक निर्माण कार्य के लिए एक निश्चित निविदा प्रक्रिया और तकनीकी पर्यवेक्षण अनिवार्य है। किंतु शाहपुर में धरातल पर दिख रही स्थिति इसके विपरीत है। बिना किसी ठोस निगरानी के सड़कों और नालों को ढाला जा रहा है, जिससे भविष्य में इन संरचनाओं के स्थायित्व पर संकट मंडरा रहा है। अनुभवहीन हाथों में निर्माण की कमान होने के कारण न केवल सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है, बल्कि यह विभागीय दिशा-निर्देशों का भी खुला उल्लंघन प्रतीत होता है।
इस पूरे प्रकरण पर जब नगर प्रशासन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो अधिकारियों ने वर्तमान में हो रहे ऐसे संदिग्ध कार्यों पर अपनी अनभिज्ञता जाहिर की है। नगर प्रशासन के अनुसार, विभाग की ओर से प्राप्त आदेशों के आलोक में केवल उन्हीं कार्यों को अनुमति दी जानी है जो मानकों को पूरा करते हों। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन कार्यों में नियमों की अनदेखी पाई जाएगी, उन पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पूर्व उपाध्यक्ष गुप्तेश्वर साह ने कहा की विकास कार्यों में तेजी आना नगर क्षेत्र के लिए सुखद संकेत हो सकता है, बशर्ते वह नियमसंगत और गुणवत्तापूर्ण हो। शाहपुर नगर पंचायत में जिस तरह से ‘ठीका-ठिकेदारी’ का नया स्वरूप उभरा है, उसने प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल उठाए हैं। स्थानीय नागरिकों की अपेक्षा है कि नगर पंचायत क्षेत्र में हो रहे इन कार्यों की उच्चस्तरीय जांच हो ताकि सार्वजनिक धन का सदुपयोग सुनिश्चित किया जा सके।


