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डॉ. ममता मिश्र की पांचवी पुस्तक मिहिर गर्ग: एक संस्मरण का हुआ लोकार्पण

Mihir Garg: इस पुस्तक का विमोचन भोजपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी मानवेन्द्र कुमार राय और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी चंदन कुमार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

  • हाइलाइट: Mihir Garg
  • प्रेरणा और संवेदना का अनूठा संगम
  • डॉ. ममता मिश्र की पुस्तक मिहिर गर्ग: एक संस्मरण

आरा। साहित्यिक जगत और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों की जीवन गाथाओं को सहेजने की दिशा में शनिवार का दिन भोजपुर जिले के लिए अत्यंत विशेष रहा। भोजपुर जिला शिक्षा कार्यालय के सभागार में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में डॉ. ममता मिश्र द्वारा लिखित पांचवीं पुस्तक मिहिर गर्ग: एक संस्मरण का विधिवत लोकार्पण किया गया। इस पुस्तक का विमोचन भोजपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी मानवेन्द्र कुमार राय और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी चंदन कुमार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

Mihir Garg : जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा पुस्तक की सराहना

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला शिक्षा पदाधिकारी मानवेन्द्र कुमार राय ने पुस्तक की सराहना करते हुए मिहिर गर्ग के व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विपरीत और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद मिहिर गर्ग ने जिस प्रकार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, वह युवाओं के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है। उन्होंने मिहिर गर्ग को अभिमन्यु जैसा वीर बताते हुए कहा कि जिस प्रकार अभिमन्यु ने अपनी वीरता और साहस से इतिहास रचा, उसी प्रकार मिहिर ने भी अपनी क्षमता और दृढ़ निश्चय के बल पर निरंतर नई ऊंचाइयों को स्पर्श किया। उनकी जीवन यात्रा यह सिखाती है कि यदि इरादे बुलंद हों, तो कोई भी बाधा व्यक्ति की प्रगति को नहीं रोक सकती।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने मिहिर गर्ग को आधुनिक युग का श्रवण कुमार की संज्ञा दी

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी चंदन कुमार ने पुस्तक के मूल भाव को रेखांकित किया। उन्होंने मिहिर गर्ग को आधुनिक युग का श्रवण कुमार की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में जहाँ संबंधों और मानवीय संवेदनाओं की परिभाषाएं बदल रही हैं, वहीं मिहिर गर्ग का जीवन सादगी, अनुशासन, दयालुता और शिष्टता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने विशेष रूप से मिहिर की दूरदर्शिता, सामाजिकता और धैर्य की चर्चा करते हुए कहा कि एक योग्य पुत्र किस प्रकार अपने परिवार और समाज का मान-सम्मान बढ़ाता है, इसका जीवंत प्रमाण मिहिर का जीवन है। उनकी इच्छाशक्ति और पारिवारिक मूल्यों के प्रति निष्ठा आज की युवा पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक के समान है।

डॉ. ममता मिश्र की यह पांचवीं कृति न केवल एक व्यक्ति के संस्मरण के रूप में है, बल्कि यह उन जीवन मूल्यों का संग्रह है जो समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं। लेखिका ने अपने लेखन के माध्यम से मिहिर गर्ग के जीवन के उन अनछुए पहलुओं को शब्दों में पिरोया है जो पाठकों को भावुक करने के साथ-साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं। इस गरिमामयी कार्यक्रम में पम्मी कुमारी सहित जिला शिक्षा कार्यालय के अन्य वरिष्ठ कर्मी और अधिकारी उपस्थित रहे।

RAVI KUMAR
RAVI KUMAR
बिहार के भोजपुर जिला निवासी रवि कुमार एक भारतीय पत्रकार है एवं न्यूज पोर्टल खबरे आपकी के प्रमुख लोगों में से एक है।
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