HomeNewsबिहारबिहार में BDO पर एक्शन, EOU ने फ्रिज किए 10 बैंक खाते

बिहार में BDO पर एक्शन, EOU ने फ्रिज किए 10 बैंक खाते

Kewati BDO: दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करते हुए ईओयू ने उनके आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की।

jay kumar
  • हाइलाइट: Kewati BDO
  • 10 बैंक खातों में जमा राशि की गई फ्रिज
  • बीमा पॉलिसी और गाड़ियों के दस्तावेज मिले
  • 13 साल की नौकरी में बनाई कई संपत्तियां
  • दरभंगा और मधुबनी में बनाए मकान और दुकानें
  • आय से 81 प्रतिशत अधिक संपत्ति के साक्ष्य

27मई, पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करते हुए ईओयू ने उनके आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की।

Kewati BDO: छापेमारी के दौरान संपत्ति का खुलासा

बुधवार को ईओयू की विशेष टीम ने दरभंगा और मधुबनी स्थित चंद्रमोहन पासवान के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस दौरान जांच टीम को उनके पास से भारी मात्रा में संपत्ति के दस्तावेज और निवेश के प्रमाण मिले हैं। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि 13 वर्षों की अपनी सरकारी सेवा के दौरान बीडीओ ने अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है।

ईओयू की रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रमोहन पासवान के पास उनकी वैध आय से लगभग 81 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के साक्ष्य मिले हैं, जिसकी अनुमानित राशि 89 लाख 13 हजार 500 रुपये से अधिक है। उल्लेखनीय है कि अभी विभिन्न संपत्तियों का मूल्यांकन जारी है, जिसके बाद इस आंकड़े के और बढ़ने की पूरी संभावना है।

बैंक खातों पर कार्रवाई :

छापेमारी के दौरान जांच टीम ने बीडीओ, उनकी पत्नी और बच्चों के नाम पर संचालित 10 बैंक खातों को चिन्हित किया है। इन खातों में जमा करीब 10 लाख रुपये की राशि को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है। साथ ही, इन खातों से हुए लेन-देन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

संपत्ति के अन्य दस्तावेजों में एलआईसी की आठ पॉलिसियां मिली हैं, जिनमें सालाना करीब दो लाख रुपये का प्रीमियम भरा जाता था। इसके अलावा, उनके पास से लग्जरी वाहनों, जिनमें महिंद्रा बोलेरो और मारुति स्विफ्ट डिजायर शामिल हैं, के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। टीम को आभूषणों और अन्य कीमती सामानों की खरीद की रसीदें भी मिली हैं।

अचल संपत्ति का जाल: जांच में यह सामने आया है कि चंद्रमोहन पासवान ने सरकारी सेवा में रहने के दौरान दरभंगा और मधुबनी में व्यापक स्तर पर रियल एस्टेट में निवेश किया है। उनके पैतृक गांव बौंसी में भव्य आवासीय मकान, बाबूबरही में व्यावसायिक भवन और दरभंगा के बहादुरपुर में कमर्शियल प्रॉपर्टी के प्रमाण मिले हैं। वर्तमान में बहादुरपुर स्थित उनके आवास का विस्तार कार्य भी चल रहा था, जिस पर भी जांच एजेंसियों की नजर है।

प्रशासनिक कदम: चंद्रमोहन पासवान वर्ष 2013 में ग्रामीण विकास पदाधिकारी के रूप में सेवा में आए थे। इससे पूर्व वह सीतामढ़ी और समस्तीपुर जिलों में भी तैनात रहे हैं। ईओयू ने इस पूरी कार्रवाई और प्राप्त साक्ष्यों की विस्तृत रिपोर्ट ग्रामीण विकास विभाग को सौंप दी है।

Bijay singh
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