High-profile murder Ara: सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस हत्याकांड में नामजद आरोपित चंदन सिंह सहित एक अन्य की भी गिरफ्तारी की चर्चा सामने आ रही है।
- हाइलाइट: High-profile murder Ara
- कानून का शिकंजा: आरा के बहुचर्चित रामकुमार सिंह हत्याकांड
- पश्चिम बंगाल के दमदम हवाई अड्डे से दबोचा गया चंदन सिंह
- एसटीएफ एवं बिहार पुलिस की संयुक्त टीम के द्वारा कार्रवाई
आरा: शहर के नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी मोहल्ला निवासी और क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष सह कस्टम विभाग के रिटायर असिस्टेंट कमिश्नर रामकुमार सिंह हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त चंदन सिंह को आखिरकार कानून के लंबे हाथों ने दबोच ही लिया है। यह गिरफ्तारी बिहार पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसे स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ और भोजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने एक सुनियोजित अभियान के तहत पश्चिम बंगाल के दमदम हवाई अड्डे से सोमवार की सुबह अंजाम दिया। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों से मिल रही जानकारी ने इस मामले में एक नया मोड़ ला दिया है। विदित हो कि इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस पहले ही एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
High-profile murder Ara: 16 अक्टूबर को रामकुमार सिंह की…
हत्याकांड की पृष्ठभूमि पर यदि नजर डालें, तो यह घटना बीते 16 अक्टूबर की सुबह घटित हुई थी, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। मृतक रामकुमार सिंह अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा और क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष के रूप में खासी पहचान रखते थे। रोज की तरह उस दिन भी वे अपने बेटे राजेश कुमार उर्फ पप्पू के साथ मॉर्निंग वॉक पर जाने की तैयारी कर रहे थे। वे अपने घर के नीचे स्थित गैराज से कार निकालकर जैसे ही मुख्य गेट पर ताला लगा रहे थे, और उनका बेटा कार के अंदर बैठा हुआ था, तभी मौत बनकर आए तीन अपराधी एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां पहुंचे।
इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए रामकुमार सिंह के शरीर में आठ गोलियां उतार दीं। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। मृतक के परिजनों और संगठन से जुड़े लोगों ने जमकर हंगामा किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का भारी दबाव था, जिसके चलते मृतक के बेटे अमित कुमार उर्फ गोल्डी के बयान पर मुफस्सिल थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राम कल्याण यादव और राजस्व कर्मचारी विष्णु देव सिंह समेत कुल 14 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यहां तक कि तत्कालीन थानाध्यक्ष पर अपराधियों के साथ मिलीभगत का भी गंभीर आरोप लगा था, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने सख्त कदम उठाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने पहले मनोज सिंह उर्फ लक्की को गिरफ्तार कर जेल भेजा था और अब मुख्य अभियुक्त चंदन सिंह की गिरफ्तारी की खबर सामने आ रही है।
चंदन और उसकी पत्नी चांदनी सिंह का सोशल मीडिया पर बयान हो रहा वायरल
इस पूरे घटनाक्रम का एक और अत्यंत दिलचस्प और नाटकीय पहलू सोशल मीडिया के जरिए सामने आया है। गिरफ्तारी से ठीक पहले मुख्य आरोपी चंदन सिंह द्वारा फेसबुक लाइव के माध्यम से अपनी बात जनता और पुलिस के सामने रखी गई, जो अब इंटरनेट पर आग की तरह फैल रही है। वायरल वीडियो में चंदन सिंह यह दावा कर रहा है कि वह इस हत्याकांड से कोसों दूर है और उसका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। उसका कहना है कि बड़की सिंगही स्थित जिस 14 कट्ठा जमीन को इस हत्या का मुख्य कारण बताया जा रहा है, उसे उसने जमीन मालिक से डेढ़ वर्ष पूर्व ही कानूनी प्रक्रिया के तहत खरीदा था और उसके पास इसके पुख्ता दस्तावेज मौजूद हैं। चंदन सिंह का यह भी आरोप है कि मृतक की पत्नी और अन्य लोग बिना किसी ठोस छानबीन के उसे और उसकी पत्नी को इस जघन्य अपराध में फंसा रहे हैं। उसका दावा है कि वह घटना के चार-पांच दिन पूर्व से ही दशहरा घूमने के लिए पश्चिम बंगाल चला गया था। इसके साथ ही, उसने यह भी आशंका जताई है कि राजनीतिक रसूख और व्यक्तिगत द्वेष के कारण कुछ लोग उसका एनकाउंटर करवाना चाहते हैं।
चांदनी सिंह का सनसनीखेज आरोप
दूसरी ओर, इस कांड में नामजद आरोपी और चंदन सिंह की पत्नी चांदनी सिंह का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में चांदनी सिंह का यह पक्ष सामने आया है कि वह पिछले करीब तीन महीने से बिहार में नहीं बल्कि अपने मायके में रह रही हैं। उनका साफ तौर पर कहना है कि उनके पति और उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत इस मामले में बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने कोलकाता के दमदम हवाई अड्डे से अपने पति की गिरफ्तारी की बात कहते हुए यह भी सनसनीखेज आरोप लगाया है कि मृतक रामकुमार सिंह द्वारा उन्हें लगातार धमकियां दिलवाई जा रही थीं और उनकी सुपारी तक दी गई थी। इन दोनों पति-पत्नी ने अपने वायरल वीडियो के माध्यम से बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भोजपुर के पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट से निष्पक्ष जांच की गुहार लगाते हुए न्याय की मांग की है।
इस पूरे प्रकरण में एक तरफ जहां एक प्रतिष्ठित सेवानिवृत्त अधिकारी की निर्मम हत्या से उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है और वे न्याय की भीख मांग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्य आरोपी और उसकी पत्नी खुद को बेकसूर बताकर गंभीर आरोप मढ़ रहे हैं। हलाकी, कानून अपना काम कर रहा है और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उम्मीद की जा रही है कि इस हत्याकांड के असली रहस्यों से पर्दा जल्द ही उठेगा। सच्चाई क्या है और इस खूनी खेल के पीछे वास्तव में कौन-कौन लोग शामिल हैं?



