Jiutiya parv: बिहिया स्थित सूर्य मंदिर परिसर और राधा-कृष्ण मंदिर समेत जिले के अन्य मंदिरों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से सुनी जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा
- हाइलाइट्स: Jiutiya parv
- जिउतिया पर्व पर महिलाओं ने पुत्रों की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखा।
- बिहिया के सूर्य मंदिर और राधा-कृष्ण मंदिर में सामूहिक रूप से सुनी गई व्रत कथा।
- रविवार को विधि-विधान से पूजा के बाद महिलाएं करेंगी व्रत का पारण।
आरा। जीवित्पुत्रिका यानी जिउतिया पर्व को लेकर शनिवार को महिलाओं के बीच उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। माताओं ने अपने पुत्रों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए निर्जला व्रत रखा। सुबह से ही महिलाएं पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में जुटी रहीं।
शाम होते ही मंदिरों और पूजा स्थलों पर व्रती महिलाओं की भीड़ उमड़ने लगी। भोजपुर के बिहिया स्थित सूर्य मंदिर परिसर, राधा-कृष्ण मंदिर समेत अन्य मंदिरों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा सुनी। विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद महिलाओं ने अपने बच्चों के सुखी, स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
व्रती महिलाएं अपने-अपने थाल में पूजा सामग्री, फल-फूल और प्रसाद लेकर मंदिर पहुंचीं। कथा के दौरान महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक पूजा की और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। मंदिर परिसरों में महिलाओं की भीड़ के कारण भक्ति का माहौल बना रहा।
Jiutiya parv : पुत्रों की लंबी उम्र के लिए रखा निर्जला उपवास
मान्यता के अनुसार, जीवित्पुत्रिका पर्व पर माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। व्रती महिलाएं पूरे दिन बिना अन्न और जल ग्रहण किए व्रत का पालन करती हैं। शाम को पूजा-अर्चना और व्रत कथा सुनने के बाद अगले दिन विधि-विधान से व्रत का पारण किया जाता है।
पर्व को लेकर सुबह से ही घरों में भी धार्मिक माहौल बना रहा। महिलाओं ने स्नान कर पूजा की तैयारी की और पूरे दिन श्रद्धा के साथ व्रत रखा,शाम को पूजा-अर्चना और व्रत कथा सुनी। रविवार को महिलाएं पूजा-अर्चना के बाद व्रत का पारण करेंगी।


