Bihar mandate: प्रधानमंत्री जननायक के गांव से महज डेढ़ किमी दूर दूधपुरा हवाई अड्डा मैदान में आयोजित एनडीए की सभा में कर्पूरी की तस्वीर वाला गमछा डालकर पहुंचे।
- हाइलाइट: Bihar mandate
- पीएम ने 45 मिनट के भाषण में 17 बार जंगलराज का जिक्र
- नीतीश ने बिहार को बड़ी मुसीबत से निकाला
- जमानत पर चल रहे लोग जननायक की उपाधि चुरा रहे
- बिहार अब सुशासन से सुख-समृद्धि की ओर:
Bihar mandate: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को जननायक कर्पूरी ठाकुर की धरती से विधानसभा के चुनाव प्रचार अभियान का बिगुल फूंकते हुए कहा कि बिहार जंगलराज लाने वालों से दूर रहेगा। पीएम ने महागठबंधन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे जैसे लोगों को लड़ा रहे हैं, उससे साफ है कि फिर जंगलराज लाना चाहते हैं। पीएम बोले, अभी से छर्रा, कट्टा, दोनाली, घर से उठा लेने की धमकी दे रहे ठगबंधन वाले। उन्होंने कहा, इनसे सावधान, सतर्क रहना है।
प्रधानमंत्री जननायक के गांव से महज डेढ़ किमी दूर दूधपुरा हवाई अड्डा मैदान में आयोजित एनडीए की सभा में कर्पूरी की तस्वीर वाला गमछा डालकर पहुंचे। सभा से पहले पीएम कर्पूरी ग्राम गए और जननायक की प्रतिमा को नमन किया। सभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए की सरकार की वंचितों को वरीयता, पिछड़ों को प्राथमिकता, गरीबों की सेवा के रास्ते पर चल रही है। जननायक हमारे लिए प्रकाश पुंज हैं। सामाजिक न्याय का उनका दिखाया रास्ता ही हमारी सरकार का सुशासन की प्रेरणा है।
इस बार बिहार देगा सबसे बड़ा जनादेश: पीएम ने कहा कि 11 साल में लोगों ने विभिन्न राज्यों में भाजपा को बार-बार अवसर दिया है। महाराष्ट्र ने पहले से प्रचंड जनादेश देकर हमारी सरकार बनाई। हरियाणा में तीसरे कार्यकाल के लिए पहले से अधिक सीटें दी। मध्यप्रदेश में भी हमें जबर्दस्त जीत मिली। यही रुझान गुजरात और उत्त्राखंड में भी रहा। गुजरात में दो दश्याक पुरानी सरकार को रिकॉर्ड जीत मिली। उत्तर प्रदेश जहां सत्ता बार-बार बदलती थी, वहां भी लोगों ने हमें दोबारा अवसर दिया। यह बताता है कि एनडीए यानि सुशासन, सेवा और विकास की गारंटी है। पीएम ने कहा, बिहार में भी नीतीश के नेतृत्व में एनडीए जीत के सारे रिकॉर्ड तोड़ने वाला है। इस बार बिहार एनडीए को सबसे बड़ा जनादेश देगा।
नीतीश ने बिहार को बड़ी मुसीबत से निकाला: राजग को निशाने पर लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2005 में अक्टूबर का महीना ही था जब बिहार को जंगलराज से मुक्ति मिली थी। नीतीश जी का सुशासन शुरू हुआ। उस दौर में केंद्र में कांग्रेस और आरजेडी की सरकार थी। केंद्र सरकार नीतीश जी की राह में दस साल तक रोड़े अटकाती रही। आरजेडी आपसे बदला लेती रही कि आपने नीतीश जी की सरकार क्यों बनाई। पीएम ने कहा, आरजेडी वाले कांग्रेस को धमकाते थे कि बिहार को बड़ी परियोजना दी तो हम समर्थन हटा लेंगे। नीतीश जी काम करते रहे और बिहार को बड़ी मुसीबत से निकाला।
45 मिनट में 17 बार जंगलराज का जिक्र: प्रधानमंत्री समस्तीपुर की सभा में 45 मिनट तक बोले। इस दौरान उन्होंने 17 बार जंगलराज का ज्रिक करते हुए महागठबंधन पर निशाना साधा।
जमानत पर चल रहे लोग जननायक की उपाधि चुरा रहे: प्रधानमंत्री ने कहा कि हजारों करोड़ के घोटाले में जमानत पर चल रहे लोगों की आदत ऐसी है कि अब वे जननायक की उपाधि की चोरी में जुटे हैं। बिहार के लोग कर्पूरी का यह अवमान कभी नहीं सहेंगे।
बिहार अब सुशासन से सुख-समृद्धि की ओर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिहार की जनता ने जिस सुशासन का अनुभव पिछले वर्षों में किया है, वह नीतीश कुमार के नेतृत्व और एनडीए सरकार की विकास नीतियों का परिणाम है। बिहार को अब सुशासन से सुख-समृद्धि के नए दौर में ले जाने का समय है। वे शुक्रवार को एनडीए प्रत्याशियों के पक्ष में उलाव हवाई अड्डा मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और राजद पर हमला बोलते हुए कहा कि ये पार्टियां परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति करती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी राजद और कांग्रेस के शीर्ष नेता जमानत पर बाहर हैं। महागठबंधन सत्ता में आते ही युवाओं के भविष्य और प्रदेश के निवेश वातावरण को फिर से अंधकार में धकेल देगा। उन्होंने कहा कि बेगूसराय सहित पूरे बिहार में औद्योगिक विकास की नई पहचान स्थापित हो रही है। बरौनी में पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट, लगातार 24 घंटे बिजली आपूर्ति, हाईवे-एक्सप्रेसवे एवं गंगा पर पुलों का निर्माण राज्य की आर्थिक प्रगति को गति दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार में युवाओं को रोजगार, गरीबों को आवास, मुफ्त इलाज और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। पीएम ने महिलाओं के सशक्तीकरण को एनडीए सरकार की प्राथमिकता बताया। कहा कि एनडीए जनसरोकार और विकास की राजनीति करता है। वहीं विपक्ष जाति और परिवार की राजनीति में उलझा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार में विकास की यह रफ्तार तभी संभव है, जब जनता स्थिर और मजबूत नेतृत्व को समर्थन दे। प्रधानमंत्री ने छह नवंबर को एनडीए के पक्ष में मतदान करने की अपील की। कहा कि हर एक वोट बिहार को समृद्ध बनाने की दिशा में कदम होगा।


